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तिहाड़ जेल में बंद चैतन्यानंद की बढ़ी मुश्किलें: ‘चीटिंग’ मामले में पूछताछ के लिए पुलिस मांगेगी रिमांड, 8 दिसंबर को कोर्ट में सुनवाई

लड़कियों से यौन शोषण के मामले में तिहाड़ जेल में बंद स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की परेशानी कम होने का नाम नही ले रहा. चैतन्यानंद को दिल्ली पुलिस चीटिंग के मामले पूछताछ करना चाहती है. अब कोर्ट रिमांड अर्जी पर सोमवार को सुनवाई करेगा. जुडिशियल मजिस्ट्रेट अनिमेष कुमार छुट्टी पर थे, इसलिए दिल्ली पुलिस की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई नही हो सकी. चैतन्यानंद फर्जी डिप्लोमैट नंबर का इस्तेमाल करता था और लाल बत्ती में बार-बार प्लेट बदलता रहता था. सभी नंबर में यूएन लिखा रहता था.

चार्जशीट में चैतन्यानंद पर गंभीर आरोप

दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद सहित पांच लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया हैं. 1077 पन्नो की चार्जशीट में 43 गवाह है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने पर सामने आया साक्ष्यों के आधार पर चैतन्यानंद सरस्वती, भावना कपिल, श्वेता और काजल पर यौन उत्पीड़न करने (बीएनएस की धारा 73 (2)), महिला की गरिमा को ठेस पहुचाने की हरकत करना (बीएनएस की धारा 79), झूठा बयान देने के लिए धमकाना (बीएनएस की धारा 232), मौत या गंभीर चोट पहुचाने की धमकी देना (बीएनएस की धारा 351 (3), उम्रकैद तक कि सजा वाले केस में सबूत मिटाने (बीएनएस की धारा 238-बी) और समान मकसद (3/5) के तहत यह चार्जशीट दाखिल की गई है. इन धाराओं में अधिकतम सजा सात साल और जुर्माने की है.

बीएनएस की धाराओं में दर्ज हुआ केस

वही एक अन्य आरोपी हरीश सिंह कपकोटी को पुलिस ने बीएनएस की धारा 232 और बीएनएस कि धारा 351 (3) के तहत आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन के एक नेता के साथ फर्जी तस्वीरे सहित कई अन्य तस्वीरों को जब्त किया है. पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि उत्तराखंड के अल्मोडा में एक गेस्ट हाउस में चैतन्यानंद छात्राओं के साथ रुका था. पुलिस को चैतन्यानंद के फोन से डिजिटल सबूत भी मिले है. इनमें वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में छात्राओं की फोटों पर आपत्तिजनक कमेंट कर रहा हैं.

चैतन्यानंद की मुश्किलें और बढ़ीं

जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने बाबा के कमरे से पुलिस ने एक सेक्स टॉय और 5 पोर्न सीडी भी बरामद की है. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में खुलासा किया कि चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 232 को जोड़ा गया है, जो किसी गवाह को झूठी गवाही देने के लिए धमकाने से संबंधित हैं. इसके अलावे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75 (2), धारा 79, धारा 351 (2) में तहत एफआईआर दर्ज है.

ये भी पढ़ें: इंडिगो मामले में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग, 1000 से ज्यादा उड़ानें हो चुकी हैं रद्द

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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