Loksatta Lecture At Mumbai: मुंबई में लोकसत्ता के एनुअल लेक्चर में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के पूर्व चीफ जस्टिस बी.आर. गवई ने कहा कि भारत में समान अवसर (Equal Opportunity) की लड़ाई बहुत पुरानी है. यह लड़ाई सदियों से चल रही है.
जस्टिस बी.आर. गवई ने बताया कि भारतीय संविधान ने इस लड़ाई को नया बल दिया. डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान निर्माताओं ने दलितों, पिछड़ों, महिलाओं और कमजोर वर्गों को बराबरी का हक दिलाने की मजबूत नींव रखी.
जस्टिस बी.आर. गवई ने माना कि बहुत प्रगति हुई है, पर अभी भी पूरा समान समाज बनाने में काफी दूर जाना है. समाज के हर वर्ग को बराबर मौका मिले, इसके लिए अभी और मेहनत चाहिए.
उन्होंने साफ कहा कि आरक्षण किसी पर एहसान नहीं है. यह उन लोगों का संवैधानिक हक है जिन्हें सदियों तक अवसरों से वंचित रखा गया. आरक्षण सामाजिक न्याय का जरिया है.
जस्टिस बी.आर. गवई ने युवाओं से कहा कि वे सिर्फ अपने करियर के बारे में न सोचें. देश और समाज को मजबूत बनाने में भी अपनी भूमिका निभाएं. संविधान के सपनों को पूरा करने में युवा सबसे बड़ी ताकत हैं.
अंत में उन्होंने कहा कि भारत का असली लोकतंत्र तब बनेगा जब हर नागरिक को बिना भेदभाव के शिक्षा, नौकरी और सम्मान मिले. यह सपना हम सबको मिलकर पूरा करना है. इस समारोह में बड़ी संख्या में वकील, छात्र और नागरिक मौजूद थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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