राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मल्लिकार्जुन खड़गे और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया
Comment on PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में दायर याचिका पर राऊज एवेन्यु कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकाअर्जुन खड़गे और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले निचली अदालत का रिकॉर्ड मंगवाया जाए और कोर्ट ने आपराधिक शिकायत को खारिज किए जाने के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका पर यह नोटिस जारी किया है.
कोर्ट 27 फरवरी को इस मामले में अगली सुनवाई करेगी. यह पुनरीक्षण याचिका वकील रविंद्र ने दायर की है. दायर याचिका में 11 नवंबर 2025 को तीस हजारी कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को रद्द करने की मांग की गई है. तीस हजारी कोर्ट ने खड़गे के खिलाफ दायर आपराधिक शिकायत को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने याचिकाकर्ता की उस मांग को भी खारिज कर दिया था, जिसमें संज्ञान लेने की मांग की गई थी. यह शिकायत आरएसएस के सदस्य की ओर से दायर की गई थी. जिसमें आरोप लगाया गया था कि खड़गे ने अप्रैल 2023 में कर्नाटक के नरेगल में एक चुनावी रैली के दौरान कथित तौर पर नफरत फैलाने वाला भाषण दिया गया था, और पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी.
हालांकि, कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि खड़गे द्वारा दिया गया बयान कोर्ट की नजर में किसी समुदाय या धर्म को निशाना बनाकर नहीं दिया गया था, बल्कि यह राजनीतिक और सैद्धांतिक विचार का हिस्सा था. कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि इस मामले में हिंसा भड़काने का मामला नहीं बनता है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत जांच की कोई जरूरत नहीं है और शिकायतकर्ता को समन-पूर्व जारी साक्ष्य पेश करने की स्वतंत्रता है.
वहीं कोर्ट ने शिकायतकर्ता से यह भी कहा था कि बाद में अगर उन्हें लगता है कि किसी विवादित तथ्यों से संबंधित जांच की जरूरत होती है तो धारा 202 सीआरपीसी के प्रावधान का सहारा लिया जा सकता है.
वहीं, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अपना रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहां कि विवादित बयान देने की घटना कर्नाटक का है, इसलिए दिल्ली में इसको लेकर कोई मामला नहीं बनता है. क्योंकि यह क्षेत्राधिकार से बाहर है. जबकि, शिकायतकर्ता के वकील ने कहा था कि यह भड़काऊ बयान देने का मामला है और यह सोशल मीडिया और कई माध्यमों से पूरे देश मे फैल गया है. इसलिए इसको लेकर कही भी प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है.
आपको बता दें कि वकील रविंद्र गुप्ता ने मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए, 153 बी, 295 ए, 120बी और 34 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी. 27 अप्रैल 2023 को कर्नाटक के एक जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ विवादित बयान दिया था. फिर दूसरे दिन के जनसभा में उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए खड़गे ने कहा कि उन्होंने जहरीला वाला बयान भाजपा व आरएसएस को लेकर दिया था.
हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना था कि वह वर्षो से आरएसएस के जुड़ा रहा है और खड़गे के बयान से उन्हें काफी चोट पहुंची है. इसको लेकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए, उसने सब्जीमंडी थाने से शिकायत की लेकिन कई आवेदन के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है. इसलिए वे अदालत की शरण में आए है और प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने की मांग कर रहे हैं.
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– भारत एक्सप्रेस
Edited by: Shubhra Rai (Intern)
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