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महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री मोदी का नमन, अहिंसा और स्वदेशी के विचारों को किया याद

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहिंसा और स्वदेशी के विचारों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने कहा कि अहिंसा में वह शक्ति है जो बिना हथियार के दुनिया को बदल सकती है और स्वदेशी आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है.

pm modi gandhi tribute

आज देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धा और सम्मान के साथ याद कर रहा है. यह दिन सिर्फ एक महान व्यक्ति को स्मरण करने का नहीं, बल्कि उन मूल्यों को दोहराने का अवसर है, जिन पर भारत की आत्मा टिकी है. सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और मानवता, ये केवल शब्द नहीं, बल्कि बापू का जीवन दर्शन थे. इसी अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों को देश और दुनिया के लिए आज भी उतना ही प्रासंगिक बताया.

हमेशा स्वदेशी पर दिया बल: PM Modi

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए पूज्य बापू को याद करते हुए दो भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित किया है, पीएए मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर मेरा शत-शत नमन. पूज्य बापू का हमेशा स्वदेशी पर बल रहा, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का भी आधारस्तंभ है.

पीएम मोदी ने आगे लिखा कि उनका व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों को कर्तव्य पथ पर चलने के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा.

उन्होंने एक और पोस्ट करते हुए कहा कि पूज्य बापू ने मानवता की रक्षा के लिए हमेशा अहिंसा पर बल दिया. इसमें वह शक्ति है, जो बिना हथियार के दुनिया को बदल सकती है.

समय और परिस्थितियों से आगे की सोच

महात्मा गांधी केवल स्वतंत्रता संग्राम के नेता नहीं थे, बल्कि वे एक ऐसे विचारक थे जिनकी सोच समय, सीमा और परिस्थितियों से कहीं आगे थी. उन्होंने यह साबित किया कि अहिंसा कोई कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी ताकत है. बिना हथियार उठाए, बिना घृणा फैलाए, उन्होंने एक विशाल साम्राज्य को झुकने पर मजबूर कर दिया.

बापू का स्वदेशी आंदोलन भी आज के भारत के लिए उतना ही प्रासंगिक है. आत्मनिर्भरता, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और अपने संसाधनों पर भरोसा, ये सभी बातें आज ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विचार से सीधे जुड़ती हैं. यही कारण है कि आज भी गांधी के विचार नीति, समाज और जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शक बने हुए हैं.

कर्तव्य पथ पर चलने की प्रेरणा

महात्मा गांधी का जीवन हमें यह सिखाता है कि बदलाव के लिए सत्ता नहीं, संकल्प चाहिए. उनका सादा जीवन, उच्च विचार और सत्य के प्रति अडिग आस्था आज की पीढ़ी के लिए एक नैतिक दिशा तय करती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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