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दिल्ली के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका

दिल्ली के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट के मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को दिल्ली हाई कोर्ट से झटका लगा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने चारों आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह के अपराधों का समाज पर बहुत बुरा असर पड़ता है और इनसे सख्ती से निपटना जरूरी है. जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने 2 आरोपियों की नियमित जमानत और दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर कर दिया है.

मामले की जांच अभी भी जारी

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस समय अगर इन्हें रिहा किया गया तो मामले में चल रही जांच प्रभावित हो सकती है. मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में जांच अभी चल रही हैं. उन्होंने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई (CBI) ने जांच को अपने हाथों में लिया है.

आदालत ने अपने फैसले में कहा कि डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं खासकर बुजुर्ग नागरिकों को निशाना बनाने वाली घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और इनके समाज पर दूरगामी परिणाम होते है. कोर्ट ने कहा कि इन मामलों से बहुत ज्यादा संवेदनशीलता और एक अलग नजरिए के साथ निपटना होगा. ये अपराध न केवल जनता के भरोसे और विश्वास को तोड़ते हैं, बल्कि पूरे समाज पर बुरा असर डालते हैं.

कोर्ट ने दलिलों को किया खारिज

कोर्ट ने आरोपियों की ओर से पेश वकील की उस दलीलों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया है कुछ आरोपियों की भूमिका सीमित थी. कोर्ट ने कहा जटिल साइबर धोखाधड़ी के मामलों में साजिश को अंजाम देने में हर भागीदार की अहम भूमिका होती है.

हालही में आरबीआई ने पांच बैंकों पर जुर्माना लगाया है. जिन बैंकों पर यह जुर्माना लगाया गया है. उनमें एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई, इंडसइन बैंक, सिटी यूनियन बैंक और यस बैंक शामिल है. इन बैंकों पर केवाईसी और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग के नियमों का सही से पालन नहीं करने का आरोप है. इसके चलते आरबीआई ने बैंकों को 7.5 फीसदी हिस्सा पीड़ित को लौटाने का आदेश दिया है.

बंद खातों में संदिग्ध हलचल

यस बैंक पर ज्यादा जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि उसके यहां पुराने और बंद पड़े खातों में संदिग्ध हलचल को रोकने में ज्यादा लापरवाही देखी गई. कुल मिलाकर इन बैंकों को 1.31 करोड़ रुपये पीड़ित को देना पड़ा है.

बता दें कि दिल्ली के गुलमोहर पार्क के रहने वाले 78 वर्षीय बैंकर नरेश मल्होत्रा को आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट में रखा. आरोपियों ने उन्हें डरा धमका कर और मानसिक पीड़ा देते हुए करीब 22.92 लाख ठग लिए.

ये भी पढ़ें: दिल्ली हाई कोर्ट ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी और काला बाजारी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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