नीट-यूजी 2025 से संबंधित एक मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी से एक स्थायी शिकायत निवारण समिति गठित करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि इससे उन अभ्यर्थियों की शिकायतों का समाधान हो सकेगा जिन्हें तकनीकी समस्याओं के कारण बिना किसी गलती के परीक्षा में समय की हानि हुई है.
जस्टिस विकास महाजन ने यह भी कहा कि स्थायी समिति परीक्षा के लिए अधिक उपयुक्त फार्मूला तैयार करने के लिए स्वतंत्र होगी. उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं, जहां अभ्यर्थियों को ऐसे कारणों से परीक्षा समय की हानि हुई जिसमें उनकी गलती नहीं थी.
अदालत ने कहा कि जब सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए समान समय दिया जाता है, तो वो समान स्तर पर होते हैं. अभ्यर्थी उक्त समय का उपयोग अपने विवेकानुसार करते है. लेकिन उससे आवंटित समय का एक हिस्सा छीन लेना और छात्र को उसका उपयोग न करने का आरोप उचित नहीं है. अदालत ने कहा कि अभ्यर्थी को परीक्षा के दौरान बिना किसी गलती के 3 मिनट 32 सेकंड का समय गंवाना पड़ा.
इस दशा में एनटीए को निर्देश दिया कि वह सामान्यीकरण सूत्र करके उसे अनुग्रह अंक प्रदान करे और उसे अधतन परिणाम या स्कोरकार्ड के बारे में सूचित करें. यह स्पष्ट किया जाता है कि संशोधित अंक और रैंक के आधार पर याचिकाकर्ता शेष काउंसलिंग में भाग लेने के लिए पात्र होगा और इससे पहले से आवंटित सीटों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
ये भी पढ़े: नीतीश कटारा हत्या मामले में दोषी सुखदेव पहलवान को सुप्रीम कोर्ट ने रिहाई का दिया आदेश
भारत एक्सप्रेस
बलोचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, जो प्राकृतिक संसाधनों, विशाल पहाड़ों और रणनीतिक रूप…
भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में 5 विकेट से शानदार जीत दर्ज की.…
ईरान में सत्ता बदलने की ट्रंप और नेतन्याहू की कोशिश क्यों नाकाम हुई? खामेनेई के…
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा को…
सुप्रीम कोर्ट ने बेंगलुरु के फाइव-स्टार होटलों पर समान प्रॉपर्टी टैक्स व्यवस्था को बरकरार रखा…
Gold Price in Pakistan: पड़ोसी देश पाकिस्तान में सोना भारत के मुकाबले करीब 20,000 रुपए…