लीगल

संसद भवन सुरक्षा उल्लंघन: जेल में बंद नीलम आजाद और मनोरंजन डी की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित

Parliament Security Breach Case: संसद भवन सुरक्षा उल्लंघन मामले में जेल में बंद नीलम आजाद और मनोरंजन डी की ओर से दायर जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैधनाथन शंकर की बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है.

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि गिरफ्तार आरोपी खुद की तुलना भगत सिंह जैसे शहीदों से नहीं कर सकते है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि आरोपियों पर युएपीए के तहत मामला क्यों दर्ज किया गया. कोर्ट ने कहा था कि कोई भी संसद भवन में शरारत या ऐसा कुछ नहीं कर सकता. कोर्ट ने कहा कि संसद देश का गौरव है. ऐसे में कोर्ट को सारी चीजों पर ध्यान देना होगा. इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है.

पिछली सुनवाई के दौरान एएसजी चेतन शर्मा ने कहा था कि ये घटना 2001 के.संसद पर हमले की बरसी के दिन घटी है. तब कोर्ट ने पूछा था कि धुंए का कनस्तर को सुरक्षा जांच और मेटल डिक्टेटर से गुजरा होगा. मतलब उसमें मेटल नही था. इस मामले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो गई है. जिसमें मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आज़ाद का नाम शामिल है.

बता दें कि यूएपीए 1967 में बना था, जिसे 2019 में केंद्र सरकार ने संशोधित किया था. दिल्ली पुलिस ने नवंबर 2022 में दिल्ली हाइकोर्ट में जवाब दाखिल कर बताया था कि उसकी तरफ से उस वक्त तक 98 केस यूएपीए के तहत दर्ज किए गए थे.

दरअसल, आईपीसी के सात साल से ज्यादा सजा वाले केसों में पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के 90 दिन के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करनी होती है. अगर पुलिस ऐसा करने में विफल रहती है तो आरोपी जमानती लेने का हकदार हो जाता है.

गौरतलब है कि 13 दिसंबर 2023 को संसद की विजिटर गैलरी से दो आरोपी चैंबर में कूदे. कुछ ही दी में एक आरोपी ने डेस्क के ऊपर चलते हुए अपने जूतों से कुछ निकाला और अचानक पीले रंग का धुआं निकलने लगा. इस घटना के बाद सदन में अफरातफरी मच गई थी. हंगामे और धुंए के बीच कुछ सांसदों ने इन युवकों को पकड़ लिया और इनकी पिटाई भी की. कुछ देर के बाद संसद के सुरक्षाकर्मियों ने दोनों युवकों को कब्जे में ले लिया.

संसद के बाहर भी दो लोग पकड़े गए जो नारेबाजी कर रहे थे और पीले रंग का धुआं छोड़ रहे थे. इन दोनों युवकों की पहचान लखनऊ के रहने वाले सागर शर्मा और मैसूर के रहने वाले मनोरंजन डी के रूप में हुई. ये दोनों युवक बीजेपी सांसद प्रताप सिन्हा की सिफारिश पर पास लेकर संसद की कार्यवाही देखने के लिए घुसे थे.

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

‘बदली शासन की परिभाषा, स्थापित किया पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस’ पीएम मोदी के 25 साल पूरे होने पर अमित शाह का बड़ा बयान

Amit Shah: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा…

3 minutes ago

फिनाले से ठीक पहले करण पटेल का पत्ता साफ! सीक्रेट एविक्शन या बिगड़ी तबीयत? फैंस को लगा तगड़ा झटका

लोकप्रिय टीवी एक्टर करण पटेल का रियलिटी शो ‘द राइज एंड फॉल सीजन 2’ से…

19 minutes ago

गुजरात के सीएम से देश के प्रधान तक; नरेंद्र मोदी के संवैधानिक प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे, सीएम योगी ने दी बधाई

PM Modi 25 Years: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र…

57 minutes ago

मेघनाद साहा: भारतीय खगोल विज्ञान के महानायक

Meghnad Saha: मेघनाद साहा को सबसे बड़े खगोल विज्ञानी के रूप में जाना जाता है.…

1 hour ago

अगले 7 घंटे तगड़ा कहर ढाएगा मौसम…! 15 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी का अलर्ट

Weather Update Today: IMD ने 7 अक्टूबर को दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और…

1 hour ago

धधक उठा फ्रांस! पेरिस से ल्यों तक बवाल, सड़कों पर उतरे लाखों छात्र

France Student Protests: फ्रांस में स्कूलों में सुधार सहित कई मांगों को लेकर शुरू हुआ…

1 hour ago