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रेप केस में आरोपी फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली जमानत

फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. दिल्ली हाईकोर्ट ने पीड़िता की ओर से दायर हलफनामे के बाद सनोज मिश्रा को जमानत दे दिया है. जस्टिस गिरीश कथपालिया द्वारा स्पेशल बेंच का गठन कर मामले की सुनवाई कर यह आदेश दिया है.

महिला ने दायर हलफनामे में कहा कि वह वह पिछले पांच साल से रिलेशनशिप में रह रही थी. उसने कहा कि मिश्रा के विरोधियों के बहकावे में आकर मिश्रा के खिलाफ झूठी मुकदमा दर्ज कराई है. वहीं मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में जल्द चार्जशीट दाखिल करेगी.

महिला द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए जाने के बाद पुलिस ने सनोज मिश्रा को 30 मार्च को गिरफ्तार किया था. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि ये केस एक और उदाहरण को दर्शाता है कि हाल ही में समाज में झूठी यौन उत्पीड़न से संबंधित मामले में वृद्धि हुई है.

हर झूठी शिकायत समाज में अविश्वास पैदा करती है

कोर्ट ने कहा कि हर झूठी शिकायत आरोपी को न केवल गंभीर नुकसान पहुंचाती है, बल्कि पूरे समाज में अविश्वास और संदेह का माहौल भी पैदा करती है. जिससे असली पीड़ितों को भी नुकसान होता है. क्योंकि समाज उनकी असली शिकायतों पर भरोसा नही करता है. कोर्ट ने कहा कि इस तरह की झूठी शिकायतों से शक्ति से निपटा जाना चाहिए.

इससे पहले जस्टिस गिरीश कथपालिया ने सनोज मिश्रा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि अग्रिम जमानत देने से समाज में ऐसा गलत संदेश जाएगा कि कोई भी व्यक्ति लड़कियों का यौन शोषण करने के बाद बेखौफ होकर घूम सकता है. अदालत ने कहा था कि इस मामले में नायिका बनने की ख्वाहिश रखने वाली एक छोटे शहर की लड़की के साथ कई बार दुष्कर्म किया गया.

उत्तर प्रदेश के झांसी की रहने वाली 28 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि साल 2020 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक और इंस्टाग्राम के जरिए वो सनोज मिश्रा से मिली थी. आरोपी के कथित तौर पर आत्महत्या की धमकी देकर उसे मिलने के लिए मजबूर किया.

18 जून 2021 को वह उसे एक रिसॉर्ट में ले गया जहां उसे नशीला पदार्थ देकर उसका यौन शोषण किया. जिसके बाद यह मामला 30 मार्च को प्रकाश में आया था. जब सनोज मिश्रा को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (रेप), 354 सी, धारा 313 (गर्भपात कराने के लिए मजबूर करना), धारा 323 (चोट पहुचाना) और धारा 506 (धमकी देना) के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया.


ये भी पढ़ें: साकेत गोखले ने मानहानि मामले में हाई कोर्ट के फैसले को दी चुनौती, लक्ष्मी पुरी को 50 लाख हर्जाने और माफी के आदेश पर रोक की मांग


-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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