लीगल

IRCTC Scam Case: लालू-राबड़ी और तेजस्वी यादव ने भ्रष्टाचार मामले में कोर्ट से किया बरी करने का अनुरोध

IRCTC Scam Case: RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी एवं बेटे तेजस्वी यादव ने दिल्ली की एक अदालत से भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) में 2004 से 2014 के बीच हुई कथित अनियमितताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में खुद को बरी करने का आग्रह किया. तीनों से राऊज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने से कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं.तीनों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने अदालत से यह बात आरोप तय होने पर हुई बहस के दौरान कही.

अधिवक्ता ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने चुनिंदा लोगों को आरोपी बनाया है. साथ ही उनसब पर झूठा आरोप लगाया है. इसके अलावा सीबीआई का कार्रवाई चयनात्मक प्रकृति का व प्रायोजित है. उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सीबीआई के पास सबूत नहीं हैं. न्यायाधीश ने उन तीनों की आंशिक बहस सुनने के बाद अगली सुनवाई 21 अप्रैल तय कर दी. लालू, राबड़ी और तेजस्वी के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार सहित कई अपराधों के लिए आरोप पत्र दाखिल किया गया है. उसके लिए अधिकतम सात साल की जेल की सजा का प्रावधान है.

आईआरसीटीसी होटल टेंडर घोटाला

केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की पहली सरकार में रेल मंत्री रहे लालू ने पहले इस मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सीबीआई की ओर से ली गई मंजूरी की वैधता पर सवाल उठाया था. सीबीआई ने 28 फरवरी को अदालत को बताया था कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद है. यह मामला आईआरसीटीसी के दो होटल के संचालन का ठेका एक निजी कंपनी को दिए जाने में हुई कथित अनियमितताओं से उपजा है.

आरोप पत्र के अनुसार वर्ष 2004 से 2014 के बीच एक साजिश रची गई, जिसके तहत पुरी (ओडिशा) और रांची (झारखंड) में स्थित भारतीय रेलवे के बीएनआर होटल को पहले आईआरसीटीसी को हस्तांतरित किया गया था. बाद में पटना स्थित सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को पट्टे पर इनके संचालन और रखरखाव का जिम्मा दे दिया गया था.

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि निविदा प्रक्रिया में धांधली एवं हेराफेरी की गई और निजी पक्ष-सुजाता होटल्स-की मदद करने के लिए शतरे में बदलाव किया गया. इस मामले में आईआरसीटीसी के तत्कालीन समूह महाप्रबंधक वीके अस्थाना और आरके गोयल तथा सुजाता होटल्स के निदेशक एवं चाणक्य होटल के मालिक विजय कोचर और विनय कोचर को भी आरोपी बनाया गया है. अब लारा प्रोजेक्ट्स के नाम से जानी जाने वाली डिलाइट मार्केटिंग कंपनी को भी आरोपी बनाया गया है.

ये भी पढ़ें: बीजेपी नेता सूरजभान चौहान को बड़ा झटका, कोर्ट ने दायर अपील को किया खारिज

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

लंगोटिया अंदाज, देसी ठहाके और पिछड़ों की आवाज, कैसे लालू यादव ने बिहार से दिल्ली तक की राजनीति बदल दी

लालू प्रसाद यादव ने भारतीय लोकतंत्र को देसी अंदाज और सामाजिक न्याय की भाषा दी.…

31 minutes ago

Target 243: क्षेत्रीय ‘बड़े भाई’ के बिना बिहार की सत्ता तक पहुंचने की बीजेपी की कोशिश

BJP Target 243 Bihar: स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करके, अपने सामाजिक आधार का विस्तार करके…

31 minutes ago

बख्तियारपुर के इंजीनियर ने कैसे बनाया बिहार का पावर ग्रिड? समझिए नीतीश कुमार की ‘इंजीनियर्ड पावर’ की कहानी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीति को अक्सर ‘इंजीनियर्ड पावर’ कहा जाता है. बख्तियारपुर…

38 minutes ago

SRFTI झड़प से लेकर संतों के अपमान तक… टीएमसी सांसद सौगत रॉय के तीखे तेवर, जानें किस मुद्दे पर क्या कहा?

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने एसआरएफटीआई में हुई झड़प, एसआईआर विवाद, 30 सितंबर की इंडिया…

42 minutes ago