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जस्टिस आलोक अराधे और विपुल पंचोली बने सुप्रीम कोर्ट के नए न्यायाधीश

Legal News: बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विपुल मनुभाई पंचोली अब सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बन गए है. कॉलेजियम द्वारा भेजी गई सिफारिश को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी है. जल्द ही सीजेआई बी आर गवई इन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर शपथ दिलाएंगे. जस्टिस विपुल एम. पंचोली लगभग दो साल के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश बनेंगे. सोमवार को सीजेआई बी आर गवई की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने यह फैसला लिया गया था.

पांच सदस्यीय कॉलेजियम में सीजेआई बी आर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस जे के महेश्वरी और जस्टिस बीवी नागरत्ना शामिल है. 26 अगस्त को कॉलेजियम की हुई बैठक में बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विपुल मनुभाई पंचोली को सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की गई थी. जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति की सिफारिश पर जस्टिस बीवी नागरत्ना ने असहमति जताते हुए नोट दर्ज किया.

जस्टिस बी. वी. नागरत्ना ने जताई नियुक्ति पर आपत्ति

जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि जस्टिस पंचोली का 2023 में गुजरात से पटना हाई कोर्ट कोई सामान्य बात नही थी, बल्कि सोच-समझकर और जजों से राय मशविरा के बाद किया गया था. जस्टिस नागरत्ना ने तबादले से जुड़े दस्तवेज़ देखने की मांग की. उन्होंने कहा कि जस्टिस पंचोली की नियुक्ति न सिर्फ न्याय प्रशासन के लिए उल्टा असर डालेगी, बल्कि कॉलेजियम की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करेगी. जस्टिस नागरत्ना को छोड़कर बाकी चार न्यायधीशों ने जस्टिस पंचोली के नाम पर सहमति जताई. जस्टिस आलोक अराधे जबलपुर के रहने वाले हैं. जबकि जस्टिस पंचोली गुजरात हाई कोर्ट से है.

आलोक अराधे का जन्म 13 अप्रैल 1964 को हुआ. वर्तमान में वे बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश थे. वे कर्नाटक हाई कोर्ट के साथ ही जम्मू कश्मीर और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायाधीश भी रह चुके है. मध्यप्रदेश में न्यायाधीश के रूप में उन्होंने 2009 में पदभार ग्रहण किया था. वे यहां 2021 तक स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए गए थे. इसके बाद 23 जुलाई 2023 को उन्होंने तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी. उसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने.

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गोपाल कृष्ण

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