लीगल

सरकारी आवास पर मिले जला हुआ कैश के मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

सरकारी आवास पर मिले जला हुआ कैश के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने इन-हाउस-कमेटी की रिपोर्ट को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. दायर याचिका में जस्टिस वर्मा ने इन-हाउस-कमेटी की रिपोर्ट को अमान्य करार देने की मांग की है. जस्टिस वर्मा ने तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना द्वारा प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को 8 मई को दी गई सिफारिश को रद्द करने की मांग की है.

जस्टिस वर्मा ने व्यक्तिगत सुनवाई के मौका दिए बिना ठरहाया गया दोषी

जस्टिस वर्मा ने यह भी कहा है कि उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का मौका दिए बिना ही दोषी ठहराया गया है. उन्होंने कहा कि सीजेआई द्वारा गठित इन-हाउस-कमेटी के तीनों सदस्यों ने निष्पक्ष सुनवाई का मौका दिए बिना ही अंतिम नतीजे पर पहुंच गए. जस्टिस वर्मा का मानना है कि कमेटी 14 मार्च को देखे गए कथित कैश से संबंधित तथ्यों को जांचने में विफल रही है. जबकि दोषसिद्धि के लिए यह आवश्यक है. जस्टिस वर्मा ने यह याचिका ऐसे समय पर दाखिल की है, जब संसद का मॉनसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होने जा रहा है और सरकार महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने वाली है. 55 गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और फायर ब्रिगेड स्टाफ के बयानों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों के पैनल ने जस्टिस वर्मा और उनके परिवार को प्रत्यक्ष रूप से कैश रखने का जिम्मेदार ठहराया.

रातों-रात कैश को हटाकर सबूत किए गए नष्ट

पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आग के बाद रातों-रात कैश को हटाया गया और जानबूझकर सबूत नष्ट किए गए थे. समिति ने बयान के अलावा वीडियो रिकॉर्डिंग भी किया, ताकि यह सुनिश्चित की जा सके कि इसे चुनौती न दी जा सके. समिति की 64 पेज की रिपोर्ट के अंत में दो पैराग्राफ हैं, जो यह निष्कर्ष निकालते हैं कि नकदी 30 तुगलक क्रिसेंट, नई दिल्ली के स्टोर रूम में पाई गई थी, जो आधिकारिक तौर पर जस्टिस वर्मा के कब्जे में था और यह स्टोर रूम तक पहुच जस्टिस वर्मा और उनके परिवार के सदस्यों के गुप्त या सक्रिय नियंत्रण में पाई गई थी.

जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने की कार्यवाही शुरू

समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा 22 मार्च के पत्र में उठाए गए आरोपों में पर्याप्त तथ्य है और यह सही पाया गया है कदाचार इतना गंभीर है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने की कार्यवाही शुरू करने की आवश्यकता है. 14 मार्च को दिल्ली में जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास के बाहरी हिस्से में आग लगने की घटना के दौरान दमकल कर्मियों को बोरे में भरकर रखी गई जली हुई नकदी मिली थी.

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

Asian Games 2026: प्राची इतना तेज दौड़ीं कि जापान में अपने देश को दिला दिया मेडल, 30 हो गई कुल पदक संख्‍या

Prachi Chaudhary Asian Games 2026 bronze: एशियन गेम्स 2026 में प्राची चौधरी ने महिलाओं की…

41 minutes ago

हिल्सा पर भारत-बांग्लादेश में रार, दुर्गा पूजा से पहले क्यों बंद हुई बांग्लादेशी मछली की सप्लाई?

दुर्गा पूजा से ठीक पहले भारत और बांग्लादेश के बीच हिल्सा मछली को लेकर नया…

49 minutes ago

पितृपक्ष में मोक्षदायी है महाराष्ट्र का मेघंकर तीर्थ, यहां श्राद्ध करने से पितरों को मिलती है मुक्ति

Meghankar Tirtha Pitru Paksha Shradh: महाराष्ट्र के खामगांव स्थित मेघंकर तीर्थ पर पितृपक्ष में पिंडदान…

51 minutes ago