नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली स्थित विशेष फास्ट ट्रैक राऊज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दाखिल की गई विस्तृत चार्जशीट की प्रति (कॉपी) सभी आरोपियों को उपलब्ध करा दी है. हालांकि, अदालत ने अभी तक सीबीआई की इस चार्जशीट पर औपचारिक रूप से संज्ञान (Cognizance) नहीं लिया है. राऊज एवेन्यू कोर्ट अब आगामी 7 अगस्त 2026 को सीबीआई चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बिंदु पर विचार करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए टिप्पणी की:
“इस बहुचर्चित और संवेदनशील मामले में हर एक मिनट बेहद कीमती है. केस के स्पीडी ट्रायल के लिए सभी वकीलों के आपसी समन्वय और सहयोग की सख्त आवश्यकता होगी.”
अदालत ने मुख्य आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की ओर से दायर जमानत याचिकाओं पर सुनवाई 18 अगस्त 2026 तक के लिए टाल दी है. सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने सीबीआई की विशाल चार्जशीट का गहन अध्ययन करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, जिसके बाद कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी.
वहीं, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एपी सिंह द्वारा मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल का ‘लाइ डिटेक्टर टेस्ट’ (Lie Detector Test), ‘ब्रेन मैपिंग’ (Brain Mapping) और ‘पॉलीग्राफ टेस्ट’ (Polygraph Test) कराने की अनुमति मांगने वाली अर्जी पर कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. अदालत इस अर्जी पर आगामी 10 अगस्त 2026 को अपना फैसला सुनाएगी.
सीबीआई जांच के अनुसार, आरोपी मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास के लिए नीट का लीक पेपर हासिल करने के मकसद से शुभम खैरनार से संपर्क साधा था. सीबीआई जांच के दौरान विकास के मोबाइल फोन से लीक प्रश्नपत्र भी बरामद हुए थे.
सीबीआई के मुताबिक, मांगीलाल ने यह लीक प्रश्नपत्र यश यादव नामक व्यक्ति से 10 लाख रुपये में खरीदा था. पूछताछ में सामने आया कि विकास और यश की पहली मुलाकात राजस्थान के सीकर (Sikar) में प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग के दौरान हुई थी.
इससे पहले, सीबीआई ने आरोपी शिवराज मोटेगांवकर की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कोर्ट के समक्ष कई सनसनीखेज खुलासे किए थे. सीबीआई ने बताया कि महाराष्ट्र के लातूर में ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेज’ चलाने वाले संचालक शिवराज मोटेगांवकर ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के आधिकारिक पैनल में शामिल केमिस्ट्री शिक्षक पी.वी. कुलकर्णी से पेपर लीक कराने के लिए 5 लाख रुपये दिए थे.
सीबीआई का दावा है कि मोटेगांवकर ने सोची-समझी साजिश के तहत अपने बेटे का दाखिला कुलकर्णी की लातूर स्थित कोचिंग क्लास में करवाया था, जहाँ से उसे लीक किया गया मास्टर पेपर मिला. पी.वी. कुलकर्णी उस एनटीए पैनल का हिस्सा थे, जिसने नीट-यूजी 2026 का मूल प्रश्नपत्र तैयार किया था.
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सीबीआई ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में दाखिल जवाब में बताया कि आरोपी ने कुलकर्णी की क्लास से मिले लीक सवालों के आधार पर खुद हाथ से नोट्स तैयार किए थे. फॉरेंसिक जांच में आरोपी के मोबाइल फोन से 36 तस्वीरें बरामद हुई हैं, जिनमें केमिस्ट्री के कुल 132 हाथ से लिखे सवाल पाए गए. सीबीआई के अनुसार, इनमें से 111 सवाल एनटीए द्वारा तैयार नीट-यूजी 2026 के मास्टर क्वेश्चन सेट (Master Question Set) से हूबहू मेल खाते हैं.
उल्लेखनीय है कि 3 मई 2026 को देश भर में आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के तुरंत बाद पेपर लीक की पुष्टि होने पर सरकार द्वारा परीक्षा को रद्द कर दिया गया था. अब 7 और 10 अगस्त को आने वाले अदालती आदेशों पर सभी की निगाहें टिकी हैं.
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