यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने एनटीए को भंग करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और उसके बाद परीक्षा रद्द होने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को जिम्मेदार ठहराते हुए उसे भंग करने की मांग की गई है. यूडीएफ ने यह याचिका अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल की है. दायर याचिका में कहा गया है कि मौजूदा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, जो सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत बनाई गई है, उसे खत्म कर संसद के कानून के जरिए एक नई वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षा संस्था बनाई जानी चाहिए. यूडीएफ एक रजिस्टर्ड संगठन है और उसने नीट परीक्षा को लेकर एनटीए पर विफलता का आरोप लगाया है.
दायर याचिका में केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि संसद में कानून लाकर एक वैधानिक नेशनल टेस्टिंग बॉडी बनाई जाए, जिसके पास स्पष्ट कानूनी अधिकार, पारदर्शिता के नियम और संसद के प्रति जवाबदेही हो. दायर याचिका में आगे होने वाली परीक्षा के लिए एक कोर्ट की निगरानी वाली कमेटी बनाए जाने की मांग की गई है, जिससे यह तय हो सके कि परीक्षा जीरो लीक के साथ हो. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं का संचालन करने वाली संस्था के पास मजबूत कानूनी ढांचा और जवाबदेही व्यवस्था होना जरूरी है. बता दें कि नीट यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.
नीट यूजी को लेकर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) की ओर से वकील तन्वी दुबे ने भी एक याचिका दायर की है. दायर याचिका में NTA को भंग कर दूसरी संस्था के गठन की मांग की गई है. इसके अलावा FAIMA ने नीट यूजी 2026 परीक्षा को दोबारा कराने की मांग की है. परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए हाई पावर कमेटी के गठन की मांग की गई है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाने की मांग की गई है. गठित कमेटी में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और फॉरेंसिक वैज्ञानिक को शामिल करने की मांग की गई है.
NTA के मुताबिक अब परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, जिसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी. एजेंसी ने एक बयान में कहा कि यह निर्णय पारदर्शिता बनाए रखने और राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में विश्वास को बनाए रखने के हित में लिया गया है. 22 लाख से ज्यादा छात्रों को अब फिर से परीक्षा देनी होगी. इस फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है.
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NTA ने बताया कि उन्हें जांच एजेंसियों से जो इनपुट मिले, उनके आधार पर पता चला कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी नहीं रखा जा सकता. परीक्षा की नई तारीखें, एडमिट कार्ड का शेड्यूल आदि जल्द ही एजेंसी के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से बता दिया जाएगा. एनटीए ने बताया कि अब इस संभावित पेपर लीक की जांच सीबीआई कर रही है.
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