सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स को गुरुग्राम के फ्लैट खरीदारों को लेकर दिए गए आदेश का पालन करने के लिए अंतिम मौका दिया है. कोर्ट ने कंपनी को एक सप्ताह के भीतर 12 फीसदी वार्षिक ब्याज सहित पूरी बकाया राशि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने का निर्देश दिया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की बेंच ने यह निर्देश दिया है.
कोर्ट ने हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी (HRERA) के आदेशों को लागू न करने पर कड़ी नाराजगी जताई है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि इन्होंने पूरे देश को धोखा दिया है. अगर आप एक हफ्ते के अंदर आदेशों का पालन नहीं करते है, तो आपको जेल भेज दिया जाएगा. वे सिस्टम का मजाक उड़ा रहे है. इनके साथ भी वही होगा जो यूनिटेक के साथ हुआ था. उन्होंने कहा कि पूरे सिस्टम को हाईजैक कर लिया गया है.
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हरियाणा सरकार का कहना है कि अनुपालन हलफनामा दाखिल कर दिया गया था और पेपर बुक के साथ नहीं लगाया गया था. इसे तुरंत किया जाए, प्रतिवादी बिल्डर पेश हो चुके है.
मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील प्रिया हिंगोरानी ने कहा कि मुझे लगा था कि वे आज डिमांड ड्राफ्ट लाएंगे. जबकि बिल्डर की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि उसके पास एक योजना है. इसपर कोर्ट ने कहा कि कोई योजना नहीं है. योजना अगली सुनवाई से पहले जमा करें. अदालत ने स्पष्ट किया कि वह अनुच्छेद 142 के तहत काम कर रहे है, हमें आईबीसी, दिवालियापन आदि से कोई लेना-देना नहीं है.
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा था कि पार्श्वनाथ डेवलपर्स ने कई प्रोजेक्ट को समय पर पूरा नहीं किया तो इसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
याचिककर्ताओ को साल 2006 में अस्थायी रूप से फ्लैट अलॉट किए गए थे और 2007 की शुरुआत में फ्लैट खरीदने के एग्रीमेंट किए गए थे. हर फ्लैट की कीमत 1 करोड़ रुपए से अधिक थी और कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक 2013 में कब्जा मिलना था. हालांकि जब खरीदार निर्माणस्थल पर गए, तो उन्होंने पाया कि कंस्ट्रक्शन का काम अभी बहुत अधूरा था.
याचिककर्ताओ ने साल 2021 में हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) से अपने पक्ष में हर्जाने का आदेश हासिल किया था. इसके बावजूद बिल्डर ने न तो इस आदेश के खिलाफ कोई कानूनी अपील की और न ही खरीदारों को मुआवजा दिया.
CJI ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि अदालती आदेशों को लागू कराने की प्रक्रिया अब केवल एक औपचारिक औपचारिकता बनकर रह गई है. क्योंकि हरेरा द्वारा जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई.
-भारत एक्सप्रेस
Mirzapur brother sister suicide over ghee dispute: मिर्जापुर के अदलहाट में ज्यादा घी खाने के…
International Kullu Dussehra: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का आयोजन 21 से 27…
UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी के तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के…
UP Panchayat Election: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया…
1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान नेफा मोर्चे पर क्या हुआ था? थागला रिज से…
PM Modi meets Canadian Foreign Minister Anita Anand: पीएम मोदी से कनाडा की विदेश मंत्री…