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पटियाला हाउस कोर्ट ने इंजीनियर राशिद को कस्टडी पैरोल दी, अंतरिम जमानत याचिका खारिज

Engineer Rashid: पटियाला हाउस कोर्ट ने बारामूला से सांसद इंजीनियर राशिद मानसून सत्र में भाग लेने के लिए 24 जुलाई से चार अगस्त अगस्त तक के लिए कस्टडी पैरोल दे दिया है. साथ ही कोर्ट ने इंजीनियर की अंतरिम जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. पटियाला हाउस कोर्ट 21 जुलाई को अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखा था. विशेष न्यायाधीश चंदरजीत सिंह ने यह आदेश दिया है. इंजीनियर राशिद ने दायर अर्जी में 21 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में भाग लेने की अनुमति मांग की थी.

याचिका में कहा था कि राशिद को संसद की कार्यवाही में भाग लेने से रोकना न केवल जनता के मताधिकार का उल्लंघन है. बल्कि यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता इंजीनियर राशिद की ओर से पेश वकील ने कहा था कि उन्हें अंतरिम जमानत दिया जाए, अगर यह संभव नही है तो, उन्हें हिरासत में ही संसद में भाग लेने की अनुमति दी जाए लेकिन बिना यात्रा खर्च चुकाए.

पहले भी मिल चुकी है संसद सत्र में शामिल होने की अनुमति

उन्होंने यह भी कहा था कि निचली अदालत ने 10 सितंबर 2024 को उन्हें राज्य चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दी थी, जिसे तीन बार बढ़ाया गया है. इसलिए उन्हें सुरक्षा के लिए खतरा नहीं माना जा सकता. इसके अलावे दिल्ली हाई कोर्ट ने भी 10 फरवरी 2025 और 25 मार्च 2025 को हिरासत में संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति मिल चुकी है. वही एनआईए की ओर से पेश वकील ने इंजीनियर राशिद की ओर दायर अर्जी का विरोध किया था.

NIA के वकील ने कहा था कि राशिद को अंतरिम जमानत नही मिलनी चाहिए. अगर कोर्ट इंजीनियर राशिद को हिरासत में संसद जाने की अनुमति देता है, तो यात्रा खर्च राशिद को खुद देना चाहिए. जिसका इंजीनियर राशिद के वकीलों ने इसका विरोध किया था.

उन्होंने कहा था कि वह संसद में भाग लेने जा रहे हैं, जो उनका सार्वजनिक कर्तव्य है, न कि कोई व्यक्तिगत काम-इसलिए उनसे यात्रा खर्च नहीं वसूला जाना चाहिए. राशिद इंजीनियर ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामूला सीट पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को हराया था. राशिद इंजीनियर शेख अब्दुल रशीद के नाम से भी जाना जाता है.

ये भी पढ़ें: दिल्ली-NCR में बिल्डर-बैंक गठजोड़ पर CBI की पहली रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल, कोर्ट ने कहा- ‘आंखें खोलने वाली रिपोर्ट’

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

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