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दिल्ली-NCR में बिल्डर-बैंक गठजोड़ पर CBI की पहली रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल, कोर्ट ने कहा- ‘आंखें खोलने वाली रिपोर्ट’

Delhi NCR में बिल्डर और बैंकों के गठजोड़ की CBI जांच पर सुप्रीम कोर्ट में पहली रिपोर्ट पेश हुई. कोर्ट ने इसे “चौंकाने वाला” बताया और जांच के लिए 6 हफ्तों का और समय दिया.

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Delhi NCR में बिल्डर-बैंकों के गठजोड़ के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने अपनी पहली रिपोर्ट सौंप दी है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट को देखने के बाद कहा कि यह रिपोर्ट आंख खोल देने वाली रिपोर्ट है. कोर्ट ने गुरुग्राम के जिला और सत्र न्यायाधीश को 10 दिन में तथ्यात्मक रिपोर्ट देने को कहा है.

जस्टिस सूर्यकांत ने सीबीआई द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट की सराहना करते हुए, सीबीआई की तारीफ करते हुए जांच में तेजी लाने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने मामले की जांच के लिए सीबीआई को 6 सप्ताह का और समय दे दिया है.

CBI ने की 1000 से अधिक लोगों से पूछताछ

वही इंडियाबुल्स की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने आरोपों का विरोध किया है. सीबीआई ने 6 मामलों की प्रारंभिक जांच कर यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी है. सीबीआई ने अपनी जांच के दौरान 1000 से अधिक लोगों से पूछताछ की है, 58 परियोजनाओं का निरीक्षण किया है. इसके अलावे बड़ी संख्या में मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की है. सीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि पैसे की वसूली के लिए दवाब बनाया गया.

एमिकस क्यूरी राजीव जैन ने भी कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपी है. जिसमें होमबायर्स के संरक्षण और ऋण की प्रक्रिया में खामियों को विस्तार से उजागर किया गया है. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया था. दायर याचिका में कहा गया है कि कुछ रियल एस्टेट कंपनियों और बैंकों के साथ मिलीभगत कर घर खरीदारों को अपनी परियोजनाओं के लिए कर्ज दिलाती हैं और प्रोजेक्ट कभी पूरे नहीं होते, ऐसी स्थिति में कर्ज लेकर आम आदमी फंस जाता है.

सुपरटेक सहित NCR के सभी प्रोजेक्ट्स जांच के दायरे में

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सुपरटेक लिमिटेड के एनसीआर (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम सहित अन्य जगहों पर) में चल रहे प्रोजेक्ट्स की जांच का यह आदेश दिया था. वही कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर के बाहर के बिल्डर्स को भी सीबीआई जांच का आदेश दिया था. इससे पहले कोर्ट ने बिल्डर बैंक गठजोड़ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि कोर्ट इसके तह तक जाएगा.

कोर्ट ने कहा था कि वह निश्चित रूप से सीबीआई जांच कराएगा. कोर्ट ने कोर्ट की सहायता के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था. जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि हम किसी भी संस्थान को बुरा या अच्छा नहीं मानने जा रहे हैं. हम निश्चित रूप से सीबीआई जांच कराएंगे. हजारों लोग रो रहे है. हम सीबीआई को इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने को कहेंगे.

कोर्ट ने कहा था हम इस मामले के तह तक जाएंगे. इस मुद्दे पर हमारा जीरो टॉलरेंस है. जो दोषी है, वो धरती के नीचे भी जा छिपे तो ढूंढ निकालेंगे. कोर्ट ने कहा था हम उनके आंसू नहीं पोंछ सकते, लेकिन हम इस मुद्दों को सीबीआई से जांच कराएंगे.

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-भारत एक्सप्रेस



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