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रेखा गुप्ता मामला: जेल में प्रताड़ना के आरोप पर तीस हजारी कोर्ट सख्त, जेल प्रशासन को नोटिस जारी

Delhi Chief Minister:  तीस हजारी कोर्ट ने जेल में प्रताड़ना का आरोप लगाने वाले आरोपियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए जेल प्रशासन से 22 मई तक जवाब मांगा है. हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश के आरोपियों ने अपने परिवार को धमकी मिलने और जेल में अन्य कैदियों द्वारा परेशान किए जाने का दावा किया है.

तीस हजारी कोर्ट में अर्जी दाखिल

दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मामले में आरोपी राजेशभाई खिमजी भाई सकरिया और तहसीन रजा शेख ने जेल में अन्य कैदियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए तीस हजारी कोर्ट में अर्जी दाखिल किया है. दोनों आरोपियों ने दायर अर्जी में अपने परिवार को भी मिल रही धमकियों का जिक्र किया है. तीस हजारी कोर्ट ने इस मामले में जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर 22 मई तक जवाब मांगा है.

सभी तत्व दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध

साथ ही कोर्ट ने जेल अधिकारियों को आरोपियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. आरोपियों ने अदालत से अलग बैरक उपलब्ध कराने और जेल में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. इस मामले में दोनों के खिलाफ अदालत ने आरोप तय कर रखा है.

कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्टया बीएनएस की धारा 61 (2) (आपराधिक षड्यंत्र), बीएनएस की धारा 221 (लोक सेवक को उनके लोक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालना), बीएनएस की धारा 132 (लोक सेवक पर उनके कर्तव्य का पालन करते समय आपराधिक बल का प्रयोग करना), बीएनएस की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) के तहत दंडनीय अपराध के सभी तत्व दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप सिद्ध होते है.

विभिन्न अपराधों के लिए चार्जशीट दाखिल

इससे पहले 20 दिसंबर को कोर्ट ने दोनों के खिलाफ हत्या की कोशिश सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था, यह कहते हुए कि उनके खिलाफ पहली नजर में मामला बनता है. 400 पन्नों के इस चार्जशीट में 40 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं. चार्जशीट में कहा गया था कि आरोपी सकरिया राजेशभाई खिमजीभाई और उसके दोस्त सैयद तहसीन रजा पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत विभिन्न अपराधों के लिए चार्जशीट दाखिल किया गया है.

सिविल लाइंस स्थित कैप कार्यालय में जनसुनवाई

इसमें हत्या का प्रयास, हमला करना और एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकना तथा आपराधिक साजिश शामिल है. पुलिस ने शुरू में बीएनएस कई तीन धाराओं के तहत हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारी को चोट पहुचाने और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया था. बाद में आपराधिक साजिश रचने, साक्ष्य मिटाने और आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी. गत 20 अगस्त को मुख्यमंत्री के सिविल लाइंस स्थित कैप कार्यालय में जनसुनवाई चल रही थी.

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-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

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