लीगल

अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (एडीएजी) से जुड़े मामले में गिरफ्तार अमिताभ झुनझुनवाला को मुंबई कोर्ट में पेशी की मिली मंजूरी

अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (एडीएजी) से जुड़े मामले में गिरफ्तार अमिताभ झुनझुनवाला को मुंबई की अदालत में पेश करने की राऊज एवेन्यु कोर्ट ने मंजूरी दे दिया है. सीबीआई की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है. मुंबई की अदालत ने पहले ही 19 मई के लिए ट्रांजिट प्रोडक्शन वारंट जारी कर चुका है. फिलहाल अमिताभ झुनझुनवाला मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में तिहाड़ जेल में बंद है.

राऊज एवेन्यु कोर्ट ने अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना को 15 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत की अवधि को बढ़ा दिया था.दोनों को आरएचएफएल और आरसीएफएल से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था. यह मामला पीएमएलए के तहत दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा है, जिसकी नींव सीबीआई की प्राथमिकी पर आधारित है.

रिलायंस कैपिटल में अमिताभ झुनझुनवाला की भूमिका

ईडी के मुताबिक दोनों आरोपियों को अपराध की आय को छिपाने और उसे वैध दिखाने में भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. झुनझुनवाला मार्च 2003 से सितंबर 2019 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के निदेशक थे, जो आरएचएफएल और आरसीएफएल की होल्डिंग कंपनी हैं. एक रेगुलेटरी फाइलिंग में, रिलायंस एडीए ग्रुप ने साफ किया कि मिस्टर झुनझुनवाला और मिस्टर बापना दोनों का पिछले सात सालों से ग्रुप से कोई लेना-देना है. इसमें कहा गया है, मीडिया के सवालों के आधार पर रिलायंस ग्रुप यह साफ करता है कि अमिताभ झुनझुनवाला ने सितंबर 2019 में यानी करीब सात साल पहले ग्रुप छोड़ दिया था. उसके बाद उनका ग्रुप से कोई संबंध नहीं रहा, जिसमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पवार लिमिटेड भी शामिल है.

अमित बापना ने दिसंबर 2019 में रिलायंस ग्रुप छोड़ दिया था. उसके बाद उनका ग्रुप से कोई संबंध नही रहा, जिसमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर भी शामिल हैं. इससे पहले इसी महीने सीबीआई ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम), अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इसमें आरोप है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को 3750 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ.

एलआईसी की शिकायत के आधार पर सीबीआई की कार्रवाई

सीबीआई ने एलआईसी की ओर से मिली शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया है. इसमें साजिश, धोखाधड़ी, पैसों की हेराफेरी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं. दर्ज शिकायत में कहा गया है कि आरकॉम और उसके प्रबंधन ने कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य, सुरक्षा और परिसंपत्ति कवर के बारे में झूठे दावे किए.

ये भी पढ़ें: बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर उग्र प्रदर्शन, पटना की सड़कों पर उतरे हजारों छात्र

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से नियमित जमानत, जानें अदालत ने लगाईं कौन-कौन सी शर्तें

Swatantra Bhardwaj Bail: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को जंतर-मंतर प्रदर्शन से…

49 seconds ago

यूपी राज्यसभा के लिए बीजेपी के आठों उम्मीदवारों ने दाखिल किया पर्चा, सीएम योगी रहे मौजूद

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर आज नामांकन का आखिरी दिन…

3 minutes ago

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर स्वपन बोस का निधन, 33 साल के करियर का अंत; एजेंसी में शोक की लहर

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के ज्वाइंट डायरेक्टर स्वपन बोस का लंबी बीमारी के बाद 6 अक्टूबर…

33 minutes ago

कंपनी ने नौकरी से निकाला तो रोबोट ने दी जान, धधकते लावा में लगाई छलांग; फिल्मी सीन हुआ सच

अमेरिकन ह्यूमनॉइड रोबोट कंपनी 'फिगर एआई' ने अपने पुराने रोबोट्स को कबाड़ में फेंकने या…

40 minutes ago

एक झटके में चली गई 50 वर्षीय बुजुर्ग की जान, नवादा में तेज रफ्तार ट्रैक्टर का कहर

Bihar Road Accident: बिहार के नवादा में तेज रफ्तार बालू लदे ट्रैक्टर ने ई-रिक्शा को…

44 minutes ago