राऊज एवेन्यु कोर्ट ने जुलाई 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर के एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में तीन यूपीएससी अभ्यर्थियों की मौत से जुड़े मामले में संबंधित बिल्डिंग के तीन फ्लोर को उसके मालिक को लौटाने का निर्देश दिया है. राऊज एवेन्यू कोर्ट के प्रमुख जिला न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने कहा कि सीबीआई को यह अधिकार नहीं है कि वह पूरे बिल्डिंग को सील कर दे.
जबकि दुर्घटना बेसमेंट में हुई थी. अदालत ने इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इन सब मामलों में संबंधित निकाय एमसीडी नियम-कानून तोड़ने को लेकर भवन मालिकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वतंत्र है. अदालत ने इसके साथ ही बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर, फस्र्ट फ्लोर व सेकेंड फ्लोर को उसके मालिक को लौटाने की बात कही है. साथ ही मामले की जांच करने वाले सीबीआई से अपना सील हटाने को कहा है.
उन्होंने उन तीनों फ्लोरों के सील नहीं खोलने की अनुमति देने वाले एसीएमएम के 17 दिसंबर, 2024 के आदेश को रद्द कर दिया. इस मामले में ऋषि खन्ना ने ग्राउंड फ्लोर व फस्र्ट फ्लोर तथा गुरमीत सिंह ने सेकेंड फ्लोर से सीट हटाने एवं उन्हें वहां निर्बाध रूप से आने-जाने की अनुमति देने की मांग की थी और अनुमति नहीं देने के एसीएमएम के आदेश को चुनौती दी थी.
दोनों मालिकों ने कहा था कि घटना बेसमेंट में हुई थी और उनके फ्लोरों का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने अपने फ्लोरों की लीज को रद्द कर दिया है. अब उन्हें अपने संपत्ति में आने-जाने का पूरा अधिकार है. जिला न्यायाधीश ने फिर उन्हें इसकी अनुमति दे दी.
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-भारत एक्सप्रेस
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