लीगल

सत्य निकेतन हादसे में 7 जिंदगियों की मौत का जिम्मेदार कौन? दिल्ली हाई कोर्ट ने पूछा- ‘छात्रों के लिए हॉस्टल क्यों नहीं?’

Delhi High Court News: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. दायर जनहित याचिका में दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े सभी कॉलेजों में छात्रों के लिए हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है.

कोर्ट ने एनएचआरसी को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा

दायर याचिका में कहा गया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के रेगुलर प्रोग्राम में करीब 1.32 लाख छात्र एनरोल्ड हैं, लेकिन विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में छात्रों के लिए होस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं है. दायर याचिका में कहा गया है कि होस्टल की पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को निजी मकानों और किराए की इमारतों में रहना पड़ता है. ऐसे में पुरानी और असुरक्षित इमारतों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं. बता दें कि सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 7 लोगो की मौत हो गई थी. जिनमें 5 छात्र थे.

इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भवन के मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला और उनके बेटे महेश के खिलाफ दक्षिण परिसर थाने में मामला दर्ज किया. तीनों पर गैर इरादतन हत्या, इमारत में रखरखाव में लापरवाही और लोगों की सुरक्षा खतरे में डालने समेत कई धाराओं के तहत कार्रवाई की गई. इससे पहले सत्य निकेतन घटना की जांच की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने एनएचआरसी को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

कोर्ट ने होस्टल व्यवस्था को लेकर कई सवाल किए

मामले की सुनवाई के दौरान हादसे को बेहद दुखद बताया है. कोर्ट ने कहा था इससे दुखद कुछ नहीं हो सकता. कोर्ट ने कहा था, पीड़ितों के माता-पिता की भावनाओं को समझा जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि जिम्मेदारी से कोई नहीं बच सकता है. कोर्ट ने पीड़ितों के वीडियों को सोशल मीडिया पर शेयर करने पर नाराजगी जताई थी. कोर्ट ने कहा था वीडियो शेयर करना सही नहीं है. साथ ही कोर्ट ने भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा था. मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने होस्टल व्यवस्था को लेकर कई सवाल किए.

कोर्ट ने एमसीडी से पूछा कि क्या होस्टल के लिए कोई नियम है. कोर्ट दिल्ली विश्वविद्यालय से पूछा था कि कॉलेजों में बाहर के कितने छात्र पढ़ते है, यूनिवर्सिटी में कितने होस्टल है, उसमें कितने बच्चे रह सकते है. कोर्ट ने यूनिवर्सिटी और सरकार से रिपोर्ट तलब किया था. कोर्ट ने पीजी और होस्टल की जांच के लिए अहम निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि फ्लैटों में भी छात्र रह रहे हैं, इसकी जानकारी कैसे मिलेगी. किराए के फ्लैट में पीजी चल रहा है या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए.

यह भी पढ़ें-GBU छात्र नोटिस मामला: सुप्रीम कोर्ट डीएम को भेजेगा नोटिस, जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है विवाद

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

विजयादशमी पर पीएम मोदी ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं, भगवान श्रीराम के आदर्शों को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मंगलवार को देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दी गई…

8 minutes ago

दास्तां वही, कहानी नई: कर्नाटक में एक और ‘सोनम-मुस्कान’, प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या

कर्नाटक के विजयपुरा में अवैध संबंधों के चलते पत्नी अश्विनी ने प्रेमी आनंद और साथियों…

8 minutes ago

US ने सीधे ठोक दिया ईरान का नेवी बेस! अरब सागर तक पहुंची जंग की आग, दुनियां पर मंडराया खतरा?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के कोनार्क नौसैनिक अड्डे…

17 minutes ago

मास्टरमाइंड का विदेशी कनेक्शन और कोटा रेलवे स्टेशन का ड्रामा: जानिए टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस की इनसाइड स्टोरी

Tiger Shroff Firing Update: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के तीनों शूटर…

17 minutes ago

भारत-न्यूजीलैंड FTA से भारतीय कारोबारियों के लिए खुले नए दरवाजे; जानिए विदेशी फलों और मानुका शहद का क्या होगा नया रेट

India-New Zealand FTA: भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता लागू हो गया है. जानिए न्यूजीलैंड के सेब…

50 minutes ago

तारीख के बजाय दशहरे पर क्यों मनाता है RSS अपना स्थापना दिवस? जानिए खास वजह

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को विजयादशमी के दिन हुई थी. संघ…

1 hour ago