लीगल

श्री बांके बिहारी मंदिर न्यास अध्यादेश 2025 के तहत समिति के संचालन को निलंबित करने का आदेश पारित करेगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वृंदावन के प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर न्यास अध्यादेश 2025 के तहत समिति के संचालन को निलंबित करने का आदेश पारित करेगा. जिसे मथुरा के बांके बिहारी मंदिर का प्रबंधन सौंपा गया है.

सुनवाई के दौरान याचिककर्ताओ के वकील ने कहा कि अध्यादेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करना चाहते हैं. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिककर्ताओ को हाई कोर्ट जाने की छूट दे दी है.

कोर्ट ने कहा कि जब तक हाई कोर्ट इस मामले में फैसला नही दे देता तब तक समिति को स्थगित रखा जाएगा. अदालत ने कहा कि इस बीच मंदिर के सुचारू प्रशासन के लिए एक अन्य समिति का गठन करेगा. जिसकी अध्यक्षता हाई कोर्ट के पूर्व जज करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट जो समिति गठित करेगा उसमें हाई कोर्ट के पूर्व जज के अलावे कुछ सरकारी अधिकारी और गोस्वामी जो मंदिर के संरक्षक है उनके प्रतिनिधि को शामिल किया जाएगा. जस्टिस सूर्यकांत ने समिति पर आपत्ति को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या आप चाहते हैं कि लोग भगदड़ में मारे जाए.

बांके बिहारी मंदिर के लिए अंतरिम समिति का होगा गठन-SC

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समिति गठित करने संबंधी उसका आदेश कल वेबसाइट पर जारी किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समिति में कुछ गोस्वामियों और अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा.

इस पर याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पूछा कि क्या सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश को अध्यक्ष बनाया जा सकता है, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाई कोर्ट के पूर्व जज प्रयाप्त है. इससे पहले जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि आप एक धार्मिक स्थल को “निजी” कह रहे है, यह एक भ्रम है.

कोर्ट ने कहा था कि जहां लाखों श्रद्धालु आते हैं वह निजी कैसे हो सकता है? कोर्ट ने कहा था प्रबंधन निजी हो सकता है, लेकिन कोई देवता निजी नहीं हो सकता है. कोर्ट ने बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन के लिए अंतरिम व्यवस्था का प्रस्ताव दिया है.

ये भी पढ़ें- National Herald Case: सोनिया-राहुल पर समन जारी होगा या नहीं, कोर्ट 19 अगस्त के बाद करेगा फैसला

कोर्ट ने धार्मिक पर्यटन और पारदर्शी प्रबंधन पर दिया जोर

कोर्ट ने धार्मिक पर्यटक को बढ़ावा देने की बात कही, और तिरुपति, शिरडी जैसे उदाहरणों का हवाला देते हुए सभी पक्षों से सुझाव मांगे थे. कोर्ट ने कहा था कि ऐसे मामलों में एक रिसीवर नियुक्त होना चाहिए.

दायर याचिका में कहा गया है कि 350 सदस्यों वाली मंदिर प्रबंधन समिति और सेवायत रजत गोस्वामी ने कहा कि जब एक संबंधित मामला अभी भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित है तो अध्यायदेश लेकर राज्य सरकार ने दुर्भावनापूर्ण करवाई की है.

वृंदावन में वर्तमान बांकेबिहारी मंदिर की 5.65 एकड़ परिधि में ठाकुर श्री बांकेबिहारी कॉरिडोर बनना प्रस्तावित है. कॉरिडोर तैयार होने के दौरान भक्तों की समस्याओं के मुद्दे पर कोर्ट ने कहा था कि हम यह स्पष्ट करते हैं कि योजना के कार्यान्वयन को छोड़कर भक्तों के दर्शन में किसी भी तरह से बाधा नही डाली जाएगी.

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

बिहार में एनडीए सरकार का एक वर्ष: 21 नवंबर को वैशाली के दौरे पर आ सकते हैं पीएम मोदी, बड़े उत्सव की तैयारी

20 नवंबर को बिहार में एनडीए सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो रहा…

3 hours ago

मध्य प्रदेश में 63,296 करोड़ से बनेंगे 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, 1,398 KM का आधुनिक सड़क नेटवर्क तैयार

MP Greenfield Corridor: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में 63,296 करोड़ रुपये की…

3 hours ago

सज्जाद जहीर की कहानी: रावलपिंडी षड्यंत्र, जेल से रिहाई और भारत वापसी

सज्जाद जहीर उर्दू साहित्य के प्रमुख लेखक, प्रगतिशील लेखक संघ के संस्थापक और कम्युनिस्ट विचारक…

3 hours ago