लीगल

दिल्ली-NCR में पटाखों पर ढील का इंतजार बढ़ा: सुप्रीम कोर्ट का तुरंत सुनवाई से इनकार, कहा- नहीं करेंगे जल्दबाजी

 Supreme Court Crackers Hearing: दिल्ली-एनसीआर में पटाखे जलाने पर लगी रोक में ढील देने की मांग वाली याचिका पर फिलहाल सुनवाई से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि जल्दबाजी नहीं कर सकते. यह याचिका पटाखा निर्माताओं की ओर से दायर की गई है.

मामले को धीरे-धीरे और सोच समझकर आगे बढ़ाने की जरूरत

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा मामले को धीरे-धीरे और सोच समझकर आगे बढ़ाने की जरूरत है. कोर्ट ने कहा कि पहले भी हमने देखा है कि कुछ आदेशों का उल्टा असर हुआ है, खासकर दिल्ली में, पर्यावरण से जुड़े मामलों में यह बहुत जोखिम भरा काम है. हमें संतुलन बना कर चलना होगा. जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस आलोक पीवी वराले की बेंच ने यह निर्देश दिया है. कोर्ट इससे पहले सीपीसीबी से यह पता लगाने को कहा था कि क्या कुछ खास तरह के पटाखों के लिए थोड़ी छूट दी जा सकती है.

14 अक्टूबर 2024 के आदेश का हवाला दिया

इससे पहले कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री और फोड़ने की अनुमति दे दिया था. कोर्ट ने कहा था कि हमें संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा. सीजेआई गवई ने कहा था कि पर्यावरण के साथ समझौता किए बिना संयम के साथ अनुमति देनी होगी. सीजेआई ने 14 अक्टूबर 2024 के आदेश का हवाला दिया था, जिसमें दिल्ली सरकार ने पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था. जिसे पूरे एनसीआर में लागू कर दिया गया था. कोर्ट ने कहा था नकली पटाखे पाए जाने पर लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा.

18 अक्टूबर से एक्यूआई की निगरानी करेंगे

कोर्ट ने यह भी कहा था कि सीपीसीबी और राज्य पीसीबी 18 अक्टूबर से एक्यूआई की निगरानी करेंगे. कोर्ट ने कहा था-गश्ती दल हरित पटाखा निर्माताओं की नियमित जांच करेगा. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि ग्रीन पटाखों के क्यूआर कोड वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि बाहरी क्षेत्र से एनसीआर क्षेत्र में पटाखे लाने की अनुमति नहीं होगी. कोर्ट ने कहा था कि हमने सॉलिसिटर और एमिकस द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार किया है. हमने यह भी देखा है कि उद्योग जगत द्वारा कुछ चिंताएं व्यक्त की गई हैं.

पटाखे जलाने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी जा सकती

पारंपरिक पटाखे तस्करी के माध्यम से लाए जाते हैं, जिससे अधिक नुकसान होता है. हमें एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा. हरियाणा के 22 जिलों में से 14 जिले एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के अंतर्गत आते हैं. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि पटाखे जलाने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी जा सकती है. जिसमें केवल नीरी-अनुमोदित ग्रीन पटाखे ही बेचे जाने की अनुमति शामिल है.

यह भी पढ़ें-‘हर मामला हमारे पास न लाएं’: वकीलों पर हुए हमले की CBI जांच वाली अर्जी सुप्रीम कोर्ट से खारिज

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

21 से 27 अक्टूबर तक सजेगा अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा, 24 देशों की झलक और ग्लोबल डांस फेस्टिवल होंगे खास आकर्षण

International Kullu Dussehra: हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का आयोजन 21 से 27…

7 hours ago

अफजाल अंसारी को हाईकोर्ट से राहत, शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण मामला फिर पहुंचेगा कमिश्नर के पास

UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी के तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के…

8 hours ago

UP पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, 3 महीने में वोटिंग कराए सरकार

UP Panchayat Election: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला आया…

8 hours ago

नेफा का काला अध्याय: अक्टूबर 1962 की तबाही

1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान नेफा मोर्चे पर क्या हुआ था? थागला रिज से…

9 hours ago