सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि डेवलपर की गलती से हुई देरी का जुर्माना घर खरीदारों से नही वसूला जा सकता है. अगर परियोजना बाद में दिवालिया प्रक्रिया के तहत पूरी जी जा रही हो. सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने इस मामले में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के फैसले को रद्द कर दिया.
कोर्ट ने नोएडा में देरी से चल रहे दो हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में नोएडा अथॉरिटी की ओर से हटाए गए टाइम एक्सटेंशन चार्जेज को हटाने का निर्देश जारी करते हुए यह टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि पुराने बिल्डर की देरी के लिए घर खरीदारों या प्रोजेक्ट को संभालने वाली नई कंपनी से जुर्माना नहीं वसूला जा सकता. मामला नोएडा के सेक्टर 100 और 110 में स्थित आवासीय परियोजनाओं का है. दो आवासीय परियोजना लोटस बुलेवार्ड और लोटस पनाश से जुड़ा है. दोनों परियोजनाओं को ग्रेनाइट गेट प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड बना रही थी. परियोजनाओं को 2016 तक पूरा होना था, लेकिन कंपनी आर्थिक संकट में फंस गई और काम पूरा नहीं कर सकी.
वर्ष 2019 में कंपनी को दिवालिया घोषित किया गया. अदालत ने इस मामले के जरिए यह सिद्धांत दोहराया है कि घर खरीदार को ऐसी गलती की कीमत नहीं चुकानी चाहिए, जो उसकी ओर से नहीं हुई है. आम तौर पर खरीदार पहले ही बुकिंग, किस्त, बैंक ऋण और अन्य भुगतान के रूप में बड़ी रकम लगा चुका होता है. परियोजना में देरी होने पर उसे अतिरिक्त वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ता है. ऐसे में केवल बिल्डर की देरी के कारण उसपर अलग से जुर्माना या शुल्क डालना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता.
बता दें कि दिवालिया प्रक्रिया के दौरान घर खरीदारों की लेनदार समिति बनाई गई. परियोजना को पूरा करने के लिए घर खरीदारों ने खुद भी पैसा जुटाया. बाद में एसएमवी एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड को परियोजना पूरा करने के लिए सफल समाधान आवेदक बनाया गया. दरअसल नोएडा ऑथोरिटी ने पुराने बिल्डर की देरी के लिए समय बढ़ाने का शुल्क मांगा. इतना ही नही लोटस पनाचे के तीन टावर को सील भी कर दिया. जिसके बाद यह मामला NCLT और फिर NCLAT पहुंचा.
NCLAT ने इस शुल्क को.दिवालिया समाधान प्रक्रिया का खर्च मान लिया. इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुचा, जिसपर कोर्ट ने सुनवाई के बाद यह आदेश दिया है.
यह भी पढ़ें: न्यायिक कार्य में सुधार नहीं तो छुट्टी तय! जानिए क्यों कॉलेजियम ने कलकत्ता HC के जजों को दिया 6 महीने का समय
-भारत एक्सप्रेस
20 नवंबर को बिहार में एनडीए सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो रहा…
MP Greenfield Corridor: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में 63,296 करोड़ रुपये की…
सज्जाद जहीर उर्दू साहित्य के प्रमुख लेखक, प्रगतिशील लेखक संघ के संस्थापक और कम्युनिस्ट विचारक…
UPSC Mains Result 2026 Civil Services exam interview: UPSC ने सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2026…
Bihar News: दरभंगा के सकतपुर थाना क्षेत्र में गश्त के दौरान एएसआई रणधीर कुमार को…
UP Assembly Election 2027: यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अखिलेश यादव के चुनाव नहीं…