लीगल

Ahmedabad: SC ने एयर इंडिया विमान हादसे की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया, 3 हफ्ते में देनी होगी रिपोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर केंद्र सरकार से तीन सप्ताह के अंदर प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश दिया.

CJI ने संयम बरतने की सलाह दी

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि हमें इस मामले में बहुत संयम बरतना चाहिए. उन्होंने बताया कि बोइंग ड्रीमलाइनर को पहले दुनिया का सर्वश्रेष्ठ विमान माना जाता था. CJI ने कहा कि पहले एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की जांच का पूरा नतीजा आने दें. उसके बाद ही कोर्ट यह तय करेगा कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की जरूरत है या नहीं.

मामले की जांच अंतिम चरण में

केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि जांच अब अंतिम चरण में है. कुछ महत्वपूर्ण पुर्जों की जांच विदेशों में भी होनी बाकी है. CJI ने हाल की एक घटना का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह लंदन-दिल्ली उड़ान में फ्यूल स्विच की समस्या की खबर आई थी, लेकिन बाद में आधिकारिक तौर पर उसे सही बताया गया. CJI बोले कि हादसा बहुत दुखद था, लेकिन किसी एयरलाइन पर टिप्पणी करते समय सावधानी बरतनी जरूरी है.

विमान ग्राउंड करने का आदेश

याचिका दाखिल करने वाले गैर-सरकारी संगठन ‘सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन’ की ओर से वकील प्रशांत भूषण पेश हुए. उन्होंने कोर्ट को बताया कि 8000 पायलटों का कहना है कि बोइंग 787 विमान सुरक्षित नहीं है. इसलिए इसे उड़ान भरने से रोक दिया जाना चाहिए. याचिका में आरोप है कि 12 जून को हुए हादसे की जांच पक्षपातपूर्ण और तकनीकी रूप से गलत है. जांच में पायलट की गलती बताई गई, जबकि विमान की तकनीकी खराबियों को नजरअंदाज किया गया.

जांच बोर्ड पर लगे गंभीर आरोप

याचिका में दावा किया गया है कि जांच से नागरिकों के जीवन, समानता और सही जानकारी के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है. याचिकाकर्ता ने मांग की है कि AAIB की पिछली सभी जांचें बंद कर दी जाएं. सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि AAIB के दो अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे ने उड़ान के बाद इंजन की ईंधन आपूर्ति बंद कर दी थी. हालांकि सरकार इन आरोपों का खंडन करती है. अगली सुनवाई में रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट आगे का फैसला लेगा.

सड़कें या मौत का जाल? जनकपुरी हादसे के आरोपी को मिली राहत, रोहिणी में सीवर ने निगली एक और जान

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

‘कोलकाता में सजेगा प्रवासी भारतीयों का महाकुंभ…’, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

महात्मा गांधी के स्वदेश लौटने की याद में मनाए जाने वाले 'प्रवासी भारतीय दिवस' (PBD)…

2 minutes ago

लूडो ने ली जान: लखनऊ में खेल के दौरान हुआ विवाद, 4 साल के मासूम के सिर से उठा पिता का साया

Lucknow Ludo Dispute Murder: लखनऊ के अलीगंज में लूडो खेलने के दौरान हुए विवाद में…

19 minutes ago

मैदान पर विराट कोहली का डांस देख हंस पड़े जडेजा, हुआ VIRAL; यशस्वी को भी सिखाए डांस स्टेप्स

IND vs WI: वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे वनडे में ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान विराट कोहली…

21 minutes ago

सोने-चांदी के खरीदारों के लिए बड़ा अलर्ट! HSBC ने दी चेतावनी, जानिए कब गिरेंगे भारतीय बाजार में दाम

Gold Rate Today: वैश्विक बाजार में इस हफ्ते सोना 3.4% तक गिरा है, लेकिन भारतीय…

1 hour ago

CEC ज्ञानेश कुमार पर केरल सरकार की तलवार! जानिए क्या है 20 साल पुराना मामला

CEC Gyanesh Kumar: केरल सरकार ने 2006 के मामले में विजिलेंस जांच के आदेश दिए…

1 hour ago