लीगल

राहुल गांधी द्वारा वीर सावरकर को लेकर की गई टिप्पणी के खिलाफ दायर याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी द्वारा वीर सावरकर को लेकर की गई टिप्पणी के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है. यह याचिका पंकज कुमुद चंद्र फडनिस ने दायर की थी. सीजेआई बी. आर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता का मौलिक अधिकार प्रभावित नही कर रहे हैं. ऐसे में याचिका सुनवाई योग्य नही है, इसे खारिज किया जाता है.

याचिका में की गई थी ये मांग

याचिका में मांग की गई थी कि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े व्यक्तियों का सम्मान करना सबका मौलिक अधिकार है. याचिका में कहा गया है कि सावरकर को लेकर जिस तरह की टिप्पणी राहुल गांधी ने किया है वो युवा वर्ग को प्रभावित कर सकता है. याचिका में यह भी मांग की गई थी कि स्वतंत्रता संग्राम के नायकों, खासकर वीर सावरकर जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करना सभी का मौलिक अधिकार है.

राहुल गांधी ने सावरकर को लेकर जो टिप्पणी की वो गलत है

याचिकाकर्ता ने कहा कि राहुल गांधी ने सावरकर को लेकर जो टिप्पणी की, उस टिप्पणी से न केवल उनका अपमान करती हैं, बल्कि युवाओं के मन में स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति गलत धारणा पैदा कर सकती है. इस तरीके की टिप्पणी से देश के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को कमजोर करती है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट से कहा बतौर विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौलिक अधिकारों की अनदेखी नहीं कर सकते हैं.

कोर्ट राहुल गांधी को लगा चुका है फटकार

इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस अनुच्छेद 32 के तहत यह याचिका दायर की गई है, उसको तभी सुना जा सकता है, जब याचिकाकर्ता के मौलिक अधिकार की अनदेखी हो रही है. बता दें कि वीर सावरकर के मामले में सुप्रीम कोर्ट राहुल गांधी को फटकार लगा चुका है.

कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कही ये बात

कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा  था कि हमें यह स्वीकार नहीं कि किसी भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के खिलाफ इस तरह का बयान दिया जाए. कोर्ट ने कहा था कि जब आप भारत के इतिहास के बारे में कुछ नहीं जानते तो आप स्वतंत्रता सेनानियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं कर सकते जिसपर राहुल गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था कि दुश्मनी पैदा करने का इरादा नही था.

हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा-कोर्ट

कोर्ट ने कहा था कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में एक शब्द भी नहीं कहे. उन्होंने हमें स्वतंत्रता दिलाई, और हम उनके साथ ऐसा व्यवहार करते है? जस्टिस दीपांकर दत्ता ने कहा था कि क्या आपके मुवक्किल को पता है कि महात्मा गांधी ने भी आपका वफादार सेवक शब्द का इस्तेमाल किया.

इतिहास जाने बिना इस तरह की टिप्पणियां नहीं कि जा सकती

कोर्ट ने कहा था कि क्या उनको पता है कि उनकी दादी ने भी स्वतंत्रता सेनानी को पत्र भेजा था. उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में गैर जिम्मेदाराना बयान नहीं देना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इतिहास और भूगोल जाने बिना इस तरह की टिप्पणियां नहीं कि जा सकती है. राहुल गांधी का कहना है कि उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही निराधार है और इसे खत्म किया जाना चाहिए.

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

करवा चौथ पर बन रहा है सबसे शक्तिशाली संयोग, जानें आज के चंद्रोदय का समय और शुभ मुहूर्त

करवा चौथ 2026 आज, 29 अक्टूबर को मनाया जा रहा है. सुहागिन महिलाएं पति की…

3 minutes ago

करवा चौथ के चांद संग चमक जाएंगे इन राशियों के सितारे, बरसेगा बेहिसाब पैसा; जानें आज का राशिफल

29 अक्टूबर 2026, गुरुवार को करवा चौथ के अवसर पर ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार मेष,…

18 minutes ago

आजम खान पर ईडी का बड़ा शिकंजा: जौहर यूनिवर्सिटी की ₹426.46 करोड़ की संपत्ति कुर्क, मार्केट प्राइस ₹1,170 करोड़!

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सपा नेता आजम खान और मौलाना मोहम्मद…

8 hours ago

मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 का रीडेवलपमेंट: 60 साल पुरानी इमारत की जगह होगा अत्याधुनिक ‘गेटवे’, सालाना 2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) ने टर्मिनल 1 (T1) के पुनर्विकास की पहली कलात्मक…

8 hours ago

अंडमान-निकोबार से ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान का आगाज: PM मोदी के संकल्प को साकार करने के लिए LG डॉ. दिनेश शर्मा ने कर्मियों को दिलाई शपथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी उन्मूलन के संकल्प को साकार करने के लिए अंडमान-निकोबार के…

9 hours ago