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सुप्रीम कोर्ट को मिले तीन नए जज, कॉलेजियम की सिफारिशों पर राष्ट्रपति की मुहर

सीजेआई बी. आर गवई ने कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी अंजारिया, गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विजय विश्नोई और बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एएस चंदुरकर को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई. तीनों न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट के अन्य न्यायाधीशों, वकीलों और अपने परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में शपथ ली.

सुप्रीम कोर्ट में न्यायधीशों की संख्या हुई 34

तीनों न्यायधीशों की शपथ लेते ही सुप्रीम कोर्ट ने न्यायधीशों की संख्या 34 हो गई है. तीनों न्यायाधीशों ने पूर्व सीजेआई संजीव खन्ना, जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस हृषिकेश रॉय के सेवानिवृत्त होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के तीन मौजूदा रिक्त पदों के लिए उनके नामों की कॉलेजियम ने सिफारिश की थी. केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर उनकी नियुक्ति की घोषणा की थी.

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की थी सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी अंजारिया, गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विजय विश्नोई और बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एएस चंदुरकर को सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्त करने की सिफारिश की थी.

कौन हैं जस्टिस एनवी अंजारिया

जस्टिस एनवी अंजारिया ने वर्ष 1989 में यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ, अहमदाबाद से कानून में स्नातक स्नातकोत्तर की. उनके पिता भी न्यायपालिका में थे. उन्होंने अगस्त 1988 से वरिष्ठ अधिवक्ता एस एन शेलत के चैंबर में शामिल होकर गुजरात हाई कोर्ट में वकालत शुरू की. उन्होंने संवैधानिक मुद्दों और सिविल मामले, श्रम और सेवा से जुड़े मामलों में पैरवी की. वह हाई कोर्ट, निचली अदालतों, राज्य चुनाव आयोग, गुजरात सूचना आयोग, नगर पालिकाओं आदि के लिए स्थायी/पैनल अधिवक्ता के तौर पर अपनी सेवाएं दी.

इसके अलावा सीबीआई से संबंधित मामलों की भी उन्होंने पैरवी की. उन्हें 21 नवंबर 2011 को गुजरात हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पद्दोन्नति किया गया. 6 सितंबर 2013 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया. उन्हें 25 फरवरी 2024 को कर्नाटक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली.

कौन हैं जस्टिस बिश्नोई

जस्टिस बिश्नोई का जन्म 26 मार्च 1964 को जोधपुर में हुआ था. उन्होंने 8 जुलाई 1989 को अधिवक्ता के रूप में अपना पंजीकरण करवाया. उन्होंने राजस्थान हाई कोर्ट और जोधपुर में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में सिविल, आपराधिक, संवैधानिक, सेवा, चुनाव मामलों आदि जैसे कई क्षेत्रों में वकालत की.

उन्होंने वर्ष 2000-2004 के दौरान केंद्र सरकार के स्थायी वकील के रूप में भी अपनी सेवाएं दी. जस्टिस बिश्नोई को आठ जनवरी 2013 को राजस्थान हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था. उन्होंने 7 जनवरी 2015 को राजस्थान हाई कोर्ट के स्थायी जज के तौर पर शपथ ली. उन्होंने 5 फरवरी 2024 को गुवाहाटी हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया.

कौन हैं जस्टिस चंदुरकर

जस्टिस चंदुरकर का जन्म 7 अप्रैल 1965 को हुआ है. पुणे के एक स्कूल से प्रारंभिक पढ़ाई के बाद वे नेस वाडिया कॉलेज और आईएलएस लॉ कॉलेज चले गए. जस्टिस चंदुरकर ने 21 जुलाई 1988 को बार काउंसिल में पंजीकृत कराया था. उन्होंने मुंबई के बरिष्ठ अधिवक्ता बीएन नाइक के मार्गदर्शन में अपने कानूनी कैरियर की शुरुआत की. बाद में वो हाई कोर्ट के जज बने. उन्हें 21 जून 2013 को बॉम्बे हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया. हालांकि 9 जून को जस्टिस बेला एम त्रिवेदी सेवानिवृत्त हो रही हैं, जिसके बाद एक पद खाली हो जाएगा.

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

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