सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश में 25 साल के देवा पारधी की कथित हिरासत में मौत के मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंप दिया है. जस्टिस विक्रमनाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई जांच के आदेश दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा कि क्या इससे बेहतर कोई कवर-अप हो सकता है?
कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से कहा हिरासत में 25 वर्षीय लड़के की मौत हो गई और मेडिकल ज्यूरिस्ट को शरीर पर एक भी चोट नहीं दिखी? आप कहते है कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई? पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि पुलिस हिरासत में युवक की मौत होने के मामले में 10 महीने तक कोई भी गिरफ्तारी नहीं होना बताता है कि अपने ही अधिकारियों को बचाया जा रहा है. कोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी और मामले की निष्पक्ष जांच की कमी पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
पिछले साल 13 जुलाई को देवा को अपनी बचपन की दोस्त निकिता से शादी करनी थी, लेकिन शादी से पहले की रस्मों के दौरान उसे घर से उठा लिया गया. जब देवा के चाचा गंगाराम के बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया और पास की झागर पुलिस चौकी ले जाया गया. बाद में देवा की पुलिस हिरासत में हत्या कर दी गई, जबकि गंगाराम ही इस अपराध का एकमात्र गवाह था. देवा की मौत और हिरासत में गंगाराम की लगातार यातना के.अलावा पुलिस पर छह साल के बच्चे की पिटाई और देवा की शादी में शामिल एक महिला मेहमान के साथ बलात्कार करने का आरोप है.
-भारत एक्सप्रेस
Adani Defence SIDM Champion Award 2026: अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस को रक्षा और एयरोस्पेस निर्यात…
UP News: अयोध्या से चुनाव लड़ने की अखिलेश यादव की सलाह पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ…
PHDCCI के 121वें वार्षिक सत्र में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत को तकनीक…
वसई-विरार महानगरपालिका द्वारा राजोडी समुद्र तट पर एक विशाल स्वच्छता अभियान चलाया गया. मेयर और…
दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट के दौरान नेताओं की गिरफ्तारी पर सोनम वांगचुक ने कड़ी प्रतिक्रिया…
करोड़ों फॉलोअर्स वाले यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने उनके गुरुग्राम आवास से हिरासत…