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सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकीलों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए

वकीलों को वरिष्ठ वकीलों की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शी बनाने के लिए नई दिशा निर्देश जारी किया है. जस्टिस अभय एस ओका, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस एस वी एन भट्टी की पीठ ने मौजूदा अंक प्रणाली को खत्म कर दिया है.

कोर्ट अपने फैसले में सभी हाईकोर्ट्स को चार महीने के भीतर इन दिशा निर्देशों के अनुसार अपने नियमों में संशोधन करने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि यदि पदनाम पर आम सहमति नहीं बनती है, तो निर्णय मतदान की लोकतांत्रिक पद्धति से किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी मामले में गुप्त मतदान होना चाहिए या नहीं, यह निर्णय हाई कोर्ट पर छोड़ा जा सकता है, ताकि तथ्यों पर विचार किया जा सके और मामले को ध्यान में रखा जा सके.

कोर्ट ने यह भी कहा कि न्यूनतम 10 वर्ष के अभ्यास की योग्यता पर पुनर्विचार की आवश्यकता नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पदनाम प्रदान करने के लिए आवेदन प्रस्तुत करने वाले वकीलों का अभ्यास जारी रह सकता है और इसे पदनाम के लिए संबंधित अधिवक्ताओं की सहमति माना जा सकता है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि फूल कोर्ट आवेदन बिना भी विचार कर सकता है और पदनाम प्राप्त कर सकता है.

जजों के पास कोई गुंजाइश नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह साफ कर दिया है कि पदनाम के लिए उम्मीदवार की सिफारिश करने के लिए व्यक्तिगत जजों के पास कोई गुंजाइश नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि साल में एक बार सीनियर एडवोकेट नामांकन की प्रक्रिया चलाई जाए. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी जज द्वारा व्यक्तिगत रूप से किसी वकील के नाम की सिफारिश की अनुमति नहीं होगी. मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट में वकीलों को वरिष्ठ का दर्जा देने के लिए साक्षात्कार आयोजित करने के निर्देश का विरोध किया था.

सुप्रीम कोर्ट ने कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था कि क्या वकीलों को वरिष्ठ का दर्जा देने की प्रक्रिया पर 2017 के फैसले पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है. जयसिंह ने कहा था कि उन्होंने कभी यह सुझाव नहीं दिया था कि वरिष्ठ का दर्जा प्रदान करने के लिए वकीलों का साक्षात्कार होना चाहिए और फिर भी फैसले में यह निर्धारित किया गया तथा इसके अलावा साक्षात्कार के लिए 25 अंक भी निर्धारित कर दिए गए.

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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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