लीगल

भगवंत मान के ओएसडी से जुड़े भ्रष्टाचार केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सीबीआई की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफिस से जुड़े लोगों के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीबीआई की कार्रवाई पर रोक लगा दिया है. साथ ही कोर्ट ने पंजाब सरकार की ओर से दायर याचिका पर सीबीआई सहित अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने केंद्र सरकार, सीबीआई, ईडी और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हम एफआईआर पर रोक नही लगा रहे हैं. हम कह रहे हैं कि कोई दंडात्मक कार्रवाई नही की जानी चाहिए.

पंजाब सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह और वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा की ओर से दी गई दलीलों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश जारी किया है. पिछली सुनवाई में विकास सिंह ने कहा था कि चुनाव के समय इस तरह के मामलों को उठाया जा रहा है और यह मामला संघीय ढांचे से भी जुड़ा है. पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश दिया था. जिसके खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है. पंजाब सरकार ने यह याचिका मंगलवार तड़के करीब 1:42 बजे दाखिल की.

दो महीने में जांच की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश

हाई कोर्ट ने 5 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज कर तत्काल जांच का आदेश दिया था. कोर्ट ने अपने 66 पेज के आदेश में कहा था कि कि सीबीआई मामले की जांच कर दो महीने के अंदर स्टेट्स रिपोर्ट दाखिल करे. कोर्ट 7 दिसंबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा. यह जनहित याचिका निखिल सराफ ने दायर की थी. दायर याचिका में पंजाब के वरिष्ठ अधिकारियों पर तबादलों के बदले नकदी लेने, अनुकूल नीतियां बनवाने, निविदाओं में कथित लेनदेन तथा अन्य गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे.

याचिकाकर्ता ने ईडी की ओर से पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को भेजे गए पत्र में उठाए गए मुद्दों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की थी. याचिका में कहा गया था कि इन आरोपों से राज्य सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल उठते हैं और पंजाब व विजिलेंस ब्यूरो के दायरे से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से इसकी जांच होनी चाहिए.

मामला मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुमन और उनके सहयोगियों नितिन गोहन तथा बीर देविंदर के खिलाफ ईडी की ओर से लगाए गए आरोपों से जुड़ा है.

यह भी पढ़ें: अघोषित इमरजेंसी या तानाशाही? जानिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह सचिव और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से क्यों मांगा जवाब?

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

बिहार विधान परिषद चुनाव : टिकट बंटवारे से लेकर बागियों की एंट्री तक, जानें क्या है इस बार का सबसे बड़ा सियासी उलटफेर?

बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की चुनावी तस्वीर लगातार दिलचस्प होती…

7 minutes ago

BCI परिसर में वकीलों पर हमला मामले में सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली पुलिस को जांच का आदेश, DCP रैंक का अधिकारी करेगा निगरानी

सुप्रीम कोर्ट ने 21 अगस्त 2026 को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के परिसर में प्रदर्शन…

23 minutes ago

सुप्रीम कोर्ट में मामला पेंडिंग तो हाईकोर्ट क्या करे? यूथ कांग्रेस की याचिका पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडियन यूथ कांग्रेस की ओर से दायर याचिका…

27 minutes ago

सीमा पार से आ रही नशे की खेप, अनंतनाग में ताबड़तोड़ छापेमारी, 6 ड्रग तस्कर गिरफ्तार

Drug Smugglers Arrested Anantnag: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोमवार को बताया कि उन्होंने पिछले 24 घंटों…

46 minutes ago