लीगल

एशियाई खेल घुड़सवारी विवाद: दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे खिलाड़ी

सुप्रीम कोर्ट कोर्ट ने एशियाई खेलों के लिए भारत की ड्रेसेज टीम के भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) की चयन प्रक्रिया विवाद को लेकर दायर याचिका पर 9 जुलाई को सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने दो घुड़सवारी खिलाड़ियों की उस अपील पर जल्द सुनवाई करने पर सहमति जताई है, जिसमें उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. मामले की सुनवाई के दौरान अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह मेरा पसंदीदा खेल है.

दोबारा चयन करने से भारतीय भागीदारी प्रभावित

यह विवाद ड्रेसेज राइडर्स अनुष अगरवाला और सुदीप्ति हजेला को अंतिम टीम की जगह रिजर्व सूची में रखने से जुड़ा है. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने यह कहते हुए चयन प्रक्रिया में दखल देने से इनकार कर दिया था कि 15 जुलाई तक एशियन गेम्स के लिए अंतिम टीम भेजनी है. ऐसे में दोबारा चयन करने से भारत की भागीदारी प्रभावित हो सकती है. अदालत ने भविष्य में ईएफआई को अपने नियमो का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया था.

किस बात को लेकर था विवाद?

विवाद इस बात को लेकर था कि चयन नियमों का मतलब कैसे निकाला जाए और क्या अंतिम मेरिट सूची बनाते समय अगरवाला के कुछ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओ के स्कोर को गिना जाना चाहिए था.

यह विवाद अगरवाला के दो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं जर्मनी में सीडीआई हेगन (22-26 अप्रैल) और बेल्जियम में सीडीआई लियर (20-24 मई) में हासिल किए गए स्कोर को कैसे गिना जाए इसपर केंद्रित है.

प्रक्रिया तर्कहीन या मनमानी होने पर करेंगे हस्तक्षेप

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि भारतीय घुड़सवारी महासंघ द्वारा अपनाई गई चयन प्रक्रिया निष्पक्ष थी और चयन मानदंडों के अनुरूप थी. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि वह खेल विशेषज्ञों के फैसलों में तब तक हस्तक्षेप नहीं करेगा जब तक कि प्रक्रिया तर्कहीन या मनमानी न पाई जाए.

कोर्ट ने न्यायिक समीक्षा और खेल चयन के लिए आवश्यक तकनीकी विशेषज्ञता के बीच एक स्पष्ट रेखा निर्धारित किया है. अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि यह उसकी भूमिका नहीं है कि वह खेल विशेषज्ञों के निर्णय को अपने निर्णय से बदले.

नीति का सही ढंग से किया पालन

इस मामले में ईएफआई को अपनी नीति का सही ढंग से पालन करते पाया गया, जिसने राइडर्स को उनके दो सर्वश्रेष्ठ वैध न्यूनतम पात्रता आवश्यकता स्कोर के आधार पर रैंक किया गया था. इन याचिकाओं में ईएफआई तदर्थ चयन समिति द्वारा 16 जून 2026 को जारी चयन सूची को चुनौती दी गई थी.

विवादित सूची में दोनों याचिककर्ताओ को जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल में आरक्षित श्रेणी में रखा गया था. दरअसल ड्रेसेज एक घुड़सवारी का खेल है, जिसमें सवार और घोड़ा एक अखाड़े में पूर्व निर्धारित सटीक गतिविधियों की एक श्रृंखला का प्रदर्शन करते हैं.

ये भी पढ़ें: दिल्ली दंगा साजिश केस: मंसूर असगर और अतहर खान की जमानत याचिका हाई कोर्ट से नामंजूर

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

रांची में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का संवाद कार्यक्रम: शिक्षा, सामाजिक समरसता और विकसित भारत पर ज़ोर

प्रो. (डॉ.) शाहिद अख़्तर ने कहा— “शिक्षा से सशक्तिकरण, संवाद से एकता और समरसता से…

22 minutes ago

यूपी में बीजेपी का बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: एससी मोर्चा के 95 जिला अध्यक्ष घोषित

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने संगठनात्मक मजबूती के लिए एससी मोर्चा के 95 जिला अध्यक्षों…

2 hours ago

श्री विजयपुरम में नवरात्रि की धूम: उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा पहले ‘डांडिया महोत्सव’ में हुए शामिल, माता दुर्गा के सामने टेका मत्था

अंडमान-निकोबार की राजधानी श्री विजयपुरम के ITF मैदान में प्रथम डांडिया महोत्सव आयोजित हुआ. उपराज्यपाल…

2 hours ago

अंडमान-निकोबार में राज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने किया इंडियन ऑयल के बार्ज ‘MT IRIS’ का लोकार्पण

अंडमान-निकोबार के श्री विजयपुरम में उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने इंडियन ऑयल के नए बार्ज…

3 hours ago

सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर भीषण हमला, 12 की मौत और 300 से ज्‍यादा घायल; 11 भारतीय भी चपेट में आए

Riyadh Airport Attack: सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद एयरपोर्ट पर भीषण हमला हुआ.…

3 hours ago