लीगल

सेलिना जेटली की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट का विदेश मंत्रालय को निर्देश, पूछा- क्या भाई से संपर्क हो पाया?

दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेत्री सेलिना जेटली की ओर से दायर याचिका पर विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया है कि सेलिना जेटली से संपर्क स्थापित कराने का निर्देश दिया है. जस्टिस सचिन दत्ता की कोर्ट याचिका पर सुनवाई कर रही है. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील निधि रमन ने कोर्ट को बताया कि दुबई जेल में बंद मेजर (सेवानिवृत्त) विक्रांत कुमार जेटली कांसुलर एक्सेस की सुविधा मुहैया करा दी गई है.

इसपर कोर्ट ने पूछा कि क्या याचिकाकर्ता अपने भाई से.संपर्क स्थापित कर पाई है? याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अभी तक भाई से संपर्क स्थापित नही हो पाया है. केंद्र सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि जेल प्रशासन ने उसकी पत्नी और बहन दोनों के नंबर उसकी कॉलिंग कार्ड में जोड़ दिया है, लेकिन विक्रांत ने अपनी पत्नी से संपर्क स्थापित करने का विकल्प को चुना है. वही पत्नी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि वीडियो कॉल के जरिये एक बार मुलाकात हो चुकी है. दायर याचिका में उन्होंने अपने भाई मेजर (सेवानिवृत्त) विक्रांत कुमार जेटली की संयुक्त अरब अमीरात में कथित हिरासत को लेकर याचिका दायर की है.

सेलिना ने रखा भाई की रक्षा का अधिकार

सेलिना जेटली ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अदालत के समक्ष यह मांग रखी है कि विदेश मंत्रालय की यह संवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है कि वह विदेशों में हिरासत में रखे गए भारतीय नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करें. उन्होंने दायर याचिका में यह भी मांग की गई है कि विक्रांत जेटली को तत्काल प्रभावी कानूनी सहायता मुहैया कराई जाए. एमईए द्वारा विधिक खर्चो के लिए आर्थिक सहायता या सहयोग दिया जाए. सेलिना जेटली को अपने भाई.से सीधा और वास्तविक समय में.संवाद करने की सुविधा दी जाए.

जेटली ने दायर याचिका में यह भी कहा है कि चिकित्सकीय उपचार और मानवीय देखभाल के लिए त्वरित राजनयिक कदम उठाए जाएं. भारतीय दूतावास द्वारा नियमित कांसुलर निगरानी और पारिवारिक अपडेट सुनिश्चित किए जाए. यूएई अधिकारियों के.साथ समन्वय कर अंतरराष्ट्रीय कानून और वियना कन्वेंशन ऑफ कांसुलर रिलेशंस के तहत उनके अधिकारों की रक्षा की जाए.

अनुच्छेद 14 और 21 के उल्लंघन का आरोप

दायर याचिका में कहा गया है कि सितंबर 2024 से अब तक परिवार ने भारतीय दूतावास, कांसुलेट और विदेश मंत्री को कई बार निवेदन भेजे हैं, लेकिन मेजर जेटली की स्थिति या कानूनी प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है. सेलिना जेटली के आरोप है कि सरकार की निष्क्रियता संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत उनके भाई के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और भारत का अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसका संवैधानिक दायित्व है.

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने ईडब्ल्यूएस छात्रों को डिजिटल गैजेट्स देने पर केंद्र सरकार से मांगा जवाब

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तालय ने रचा नया इतिहास…! स्थापना के 8 साल में अभूतपूर्व प्रगति पर क्या बोले सीएम फडणवीस?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिंपरी-चिंचवड पुलिस की आधुनिक पुलिसिंग, डिजिटल नागरिक सहभागिता और…

13 minutes ago

पाक की बड़ी साजिश? ड्रोन से आरडीएक्स भेजने के बाद अब पटरी उड़ाने की खौफनाक चाल, एजेंसियों के उड़े होश

 Rajasthan News: श्रीगंगानगर के अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन के गुजरने के 45 मिनट…

19 minutes ago

अगले कुछ घंटे 13 राज्यों में मुरासु का कहर…! बारिश का बड़ा अलर्ट, जानें आज के मौसम का हाल

चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के प्रभाव से दक्षिण भारत समेत देश के 13 राज्यों में हल्की…

1 hour ago

आज बन रहा है खास एन्द्र और ब्रह्म योग! भूलकर भी न करें ये बड़ी गलती, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

4 नवंबर 2026, बुधवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के बाद रमा एकादशी…

2 hours ago

दिवाली से पहले एन्द्र योग से ग्रहों में बड़ा बदलाव…! मिथुन और सिंह राशि को बंपर लाभ, कर्क वाले रहें सावधान

आज 4 नवंबर 2026 को रमा एकादशी, एन्द्र योग और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के संयोग में…

2 hours ago