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राजस्थान के मुख्य सचिव वी श्रीनिवासन को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

राजस्थान के मुख्य सचिव वी श्रीनिवासन को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है. अदालत ने वी श्रीनिवासन के खिलाफ दायर अवमानना याचिका को खारिज कर दिया है. यह अवमानना याचिका उपभोक्ता आयोग में कार्यरत अध्यक्षों एवं सदस्यों की ओर से दायर की गई थी.

जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर की पीठ ने याचिकाकर्ता को राजस्थान हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया है. दायर अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया था कि उपभोक्ता आयोगों के कार्यरत अध्यक्षों एवं सदस्यों के कार्यकाल की सुरक्षा संबंधी सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए पूर्व फैसले का उल्लंघन किया गया है. यह अवमानना याचिका राजस्थान के आठ कार्यरत जिला उपभोक्ता विवाद प्रतिशोध आयोग अधिकारियों ने दायर किया था.

नए नियमों के पालन पर कानूनी विवाद

दायर याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 21 मई 2025 को दिए गए फैसले का पालन नही करने का आरोप लगाया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि उपभोक्ता आयोगों के कार्यरत अध्यक्षों एवं सदस्यों को उनके कार्यकाल की.समाप्ति तक या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित नए नियमों के तहत नई नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण होने तक, जो भी पहले हो, कार्य जारी रखने की अनुमति दी जाएगी. दायर अवमानना याचिका में कहा गया था कि संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 144 के अंतर्गत यह फैसले बाध्यकारी होने के बावजूद नई भर्ती हेतु नए नियम अधिसूचित नहीं किए गए तथा कार्यरत सदस्यों की समान रूप में निरंतरता संबंधी प्रार्थना स्वीकार नहीं की गई. जिससे जिला उपभोक्ता आयोगों के कार्य मे.बाधा उत्पन्न हुआ.

बता दें कि 1989 बैच के आईएएस अधिकारी वी. श्रीनिवास साल 2018 से अब तक केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर चल रहे थे और प्रशासनिक सुधार विभाग सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों में तैनात रहने के चलते उनकी गिनती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वस्त अधिकारियों में की जाती है. श्रीनिवासन जोधपुर और पाली के कलेक्टर रह चुके हैं. इसके अलावा साल 2001 से साल 2002 तक भी केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर रह चुके हैं.

इसके अलावा 2003 में अमेरिका में भी तैनात रह चुके है.

ये भी पढ़ें: नीट-पीजी 2025-26 की कट-ऑफ घटाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब देने का दिया निर्देश

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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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