Anurag Kashyap Weight Loss Journey
Anurag Kashyap Weight Loss Journey: आज के समय में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका हैखराब लाइफस्टाइल, तनाव और अनियमित खान-पान के कारण हर उम्र के लोग इससे प्रभावित हो रहे हैंहालांकि, कई लोगों की वेट लॉस जर्नी दूसरों के लिए प्रेरणा बनती हैऐसी ही एक कहानी मशहूर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप की है, जिन्होंने हार्ट अटैक और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से उबरने के बाद अपनी जीवनशैली में बड़ा बदलाव करते हुए 27 किलो वजन कम किया.
हाल ही में ‘पेमा वेलनेस रिट्रीट’ को दिए एक इंटरव्यू में अनुराग कश्यप ने अपनी हेल्थ जर्नी साझा की. उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले उन्हें हार्ट अटैक आया था. इसके अलावा उन्हें कई बार अस्थमा के गंभीर अटैक भी हुए, जिसके चलते लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाओं का सेवन करना पड़ा. इन परिस्थितियों ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था.
अनुराग ने कहा कि उन्होंने अपनी स्थिति सुधारने के लिए कई तरीके अपनाएवह डी-एडिक्शन प्रोग्राम में भी गए, लेकिन उन्हें खास फायदा नहीं मिला. सबसे ज्यादा हैरानी उन्हें इस बात की थी कि नियमित व्यायाम करने और पहले की तरह फिट रहने के बावजूद उनका वजन तेजी से बढ़ने लगा. साथ ही बाल झड़ने और समय से पहले सफेद होने जैसी समस्याएं भी सामने आईं.
उन्होंने बताया कि आखिरकार एक होलिस्टिक अप्रोच ने उनकी जिंदगी बदल दी11 दिनों की सख्त लिक्विड डाइट, योग और प्राणायाम ने उनकी रिकवरी में अहम भूमिका निभाई. अनुराग के मुताबिक, पहली बार उन्हें अपने शरीर और स्वास्थ्य में बड़ा सकारात्मक बदलाव महसूस हुआ. इसके बाद उन्होंने 27 किलो वजन कम किया. उनका कहना है कि योग और प्राणायाम ने उन्हें तनाव को नियंत्रित करना और खुद के लिए समय निकालना सिखाया.
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इस मामले पर मुंबई सेंट्रल स्थित वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट और कंसल्टेंट डॉ. पारिन सांगोई का कहना है कि हार्ट अटैक या गंभीर अस्थमा के बाद शरीर को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के तनाव से गुजरना पड़ता है. स्टेरॉयड दवाओं के लंबे इस्तेमाल से वजन बढ़ना, भूख बढ़ना, शरीर में पानी जमा होना और मेटाबॉलिज्म में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं. वहीं तनाव, नींद की कमी और कम शारीरिक गतिविधि भी वजन बढ़ने और बाल झड़ने का कारण बन सकती है.
डॉ. सांगोई के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में केवल दवाओं से इलाज पर्याप्त नहीं होता. संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन, योग और प्राणायाम जैसी स्वस्थ आदतें रिकवरी की प्रक्रिया को तेज करने में मदद करती हैं. साथ ही मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि लगातार तनाव और बर्नआउट शरीर के ठीक होने की रफ्तार को प्रभावित कर सकते हैं.
भारत एक्स्प्रेस
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