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कितना खतरनाक है हंता वायरस और भारत से कितना दूर? क्रूज शिप पर हुई मौतों ने बढ़ाई चिंता, जानें बचाव के तरीके

छुट्टियों का सीजन हो और क्रूज शिप (Cruise Ship) पर सैर-सपाटे की बात न हो, ऐसा कम ही होता है. लेकिन इस समय समंदर की लहरों के बीच से एक ऐसी खबर आई है जिसने टूरिस्ट्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स दोनों की नींद उड़ा दी है. लग्जरी क्रूज शिप ‘MV होंडियस’ (MV Hondius) पर ‘हंता वायरस’ (Hanta Virus) के फैलने की खबर ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है. इस संक्रमण की चपेट में आने से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक डच कपल और एक जर्मन नागरिक शामिल है.

कैसे शुरू हुआ यह खौफ?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अब तक पांच पुख्ता इन्फेक्शन्स की पुष्टि की है, जबकि तीन अन्य संदिग्ध मामले अभी रडार पर हैं. सबसे बड़ी चुनौती उन यात्रियों को ढूंढना है जो वायरस का पता चलने से पहले ही जहाज से उतरकर अपने-अपने घरों या दूसरे देशों के लिए निकल चुके थे. अलग-अलग देशों की सरकारें अब ‘कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग’ में जुटी हैं ताकि इस चेन को समय रहते तोड़ा जा सके.

क्या है हंता वायरस?

आम तौर पर जब हम वायरस का नाम सुनते हैं, तो कोविड की तरह ‘इंसान से इंसान’ में फैलने का डर बैठ जाता है. लेकिन हंता वायरस थोड़ा अलग है. यह मुख्य रूप से चूहों और कृंतक (Rodents) प्रजाति के जीवों से फैलता है.

कैसे होता है इन्फेक्शन?
चूहों के मल-मूत्र या लार के संपर्क में आने से यह वायरस इंसानों तक पहुंचता है.

इंसान से इंसान का खतरा?
राहत की बात यह है कि हंता वायरस का एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलना बहुत ही दुर्लभ (Rare) है. हालांकि, जिस तरह से क्रूज शिप जैसे बंद और सीमित दायरे वाली जगह पर यह फैला है, उसने विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है.

भारत के लिए कितनी चिंता की बात?

फिलहाल यह संक्रमण यूरोप और क्रूज रूट्स के आसपास देखा जा रहा है, लेकिन ग्लोबलाइजेशन के दौर में कोई भी देश खुद को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कह सकता. भारत जैसे देश में जहां घनी आबादी है, वहां स्वच्छता और चूहों से बचाव ही सबसे बड़ा हथियार है. अगर आप भी आने वाले दिनों में विदेश यात्रा या किसी इंटरनेशनल क्रूज ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो सावधानी बरतना जरूरी है.

कैसे रहें सुरक्षित?

  • अगर आप ऐसी जगहों पर जा रहे हैं जहां चूहों की मौजूदगी हो सकती है, तो इन बातों का ध्यान रखें:
  • साफ-सफाई सर्वोपरि: अपने आसपास कचरा जमा न होने दें, क्योंकि कचरा ही चूहों को न्योता देता है.
  • खाने-पीने का ध्यान: खुली रखी चीजों का सेवन न करें और बर्तन हमेशा धोकर इस्तेमाल करें.
  • लक्षणों को पहचानें: अगर अचानक तेज बुखार, सिरदर्द या मांसपेशियों में दर्द महसूस हो, तो इसे आम फ्लू समझकर नजरअंदाज न करें.

भले ही हंता वायरस अभी भारत से दूर लग रहा हो, लेकिन सेहत के मामले में ‘सावधानी ही बचाव है’ वाला मंत्र हमेशा काम आता है.

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-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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