घर का मुख्य द्वार
Vastu Tips of Home main door: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार का बहुत महत्व होता है. वैसे तो घर के कोने- कोने से लेकर रसोई तक हर चीज का वास्तु शास्त्र में विशेष महत्व बताया गया है. लेकिन घर का दरवाजा केवल आने-जाने का रास्ता नहीं है, बल्कि मां लक्ष्मी का प्रवेश द्वार भी होता है. घर में हर तरह की ऊर्जा घर के मुख्य द्वार से ही आती है. इसीलिए शास्त्रों में कहा गया है कि घर का दरवाजा साफ- सुथरा होना चाहिए और मुख्य द्वार से किसी भी प्रकार की आवाज नहीं आनी चाहिए. कई घरों के दरवाजों से अजीब तरह की आवाज ( जैसे चीं चर्र चरमर) आती है तो इसे नजरअंदाज ना करें. वास्तु शास्त्र में इसे गंभीर दोष बताया गया है. जिससे आपके घर की सुख- समृद्धि छिन सकती है, इसी के और तमाम समस्याएं हो सकती हैं. इस आर्टिकल में हम आपको मुख्यद्वार की संबधित जानकारी देंगे.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य द्वार से आने वाली कोई भी कर्कश आवाज घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है. जिससे अनावश्यक घर के लोगों में चिढ़चिढ़ापन रहता है और लड़ाई झगड़े बढ़ते हैं.
राहु दोष बढ़ता: मुख्य द्वार की आवाज ( जैसे चीं चर्र चरमर) से कुंडली में राहु दोष बढ़ता है. इससे घर में अचानक कोई दुर्घटना होने की आशंका रहती है या कानूनी खर्चे बढ़ सकते हैं.
धन की हानि (कंगाली का संकेत): माना जाता है कि जिस घर का मुख्य दरवाजा आवाज करता है, वहां पैसा आता तो है पर रूकता नहीं है. बेवजह के खर्च शुरू हो जाते हैं.
अगर आपके घर के दरवाजे से भी ऐसी आवाज आती है, तो सबसे पहले उसमें तेल या मोबिल ऑयल डालकर उसकी आवाज को तुरंत ठीक करें.
1. हल्दी का छिड़काव और स्वस्तिक निर्माण
आवाज ठीक कराने के बाद दरवाजे को साफ पानी से धो ले फिर गंगाजल या साफ पानी में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर चौखट पर छिड़कें. कुमकुम या हल्दी से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं, इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती है और घर में सुख- शांति बनी रहती है.
2. देहरी (चौखट) का महत्व और चांदी का तार
मुख्य द्वार को रोजाना साफ करें.वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं की मानें तो घर का मुख्य द्वार जितना साफ रहेगा उतना आपका मन शांत रहेगा. इसलिए घर के मुख्य द्वार को सजा कर रखें. साफ घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है.
3. शाम के समय दीपक जलाएं
शाम के समय मुख्य द्वार के दाहिनी ओर घी या तिल के तेल का दीपक जरूर जलाएं. यदि संभव हो तो चौमुखी (चार मुख वाला) दीपक जलाएं. यह प्रकाश शुभ माना जाता है.
4. जूते- चप्पल का ढ़ेर ना लगाएं
जूते-चप्पलों का ढेर या टूटा-फूटा सामान कभी भी मुख्य द्वार के ठीक सामने या पीछे न रखें. यह सीधे तौर पर देवी लक्ष्मी के रास्ते में रुकावट लाता है और राहु-केतु के कुप्रभाव को बढ़ाता है. मुख्य द्वार पर ताजे आम या अशोक के पत्तों का तोरण (बंदनवार) लगाना बेहद शुभ होता है. यह घर में आने वाली हर नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मकता में बदल देता है.
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