IICC में भारत एक्सप्रेस के CMD उपेंद्र राय 'अमेज़ अवॉर्ड 2026' से सम्मानित
आज राजधानी दिल्ली के लोधी रोड स्थित ‘इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर’ (IICC) में अदब, शायरी और साझी तहज़ीब की एक ऐतिहासिक शाम सजी. अवसर था ‘अमेज़ फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित “हिंदी मेरी जान” (राजभाषा हिंदी का जश्न) के द्वितीय संस्करण का. उर्दू ज़ुबान के मंच से जब “हिंदी है मेरी जान” का सुर गूंजा, तो पूरा सभागार इस अनूठे भाषाई संगम का गवाह बना. इस पूरे गरिमामयी कार्यक्रम में ‘भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क’ ने बतौर मीडिया पार्टनर अपनी सशक्त सहभागिता निभाई.
फाउंडेशन के आयोजक राघवेंद्र द्विवेदी और संयोजक शाहिद अंजुम द्वारा भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के चेयरमैन, मैनेजिंग एडिटर (CMD) एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय को पत्रकारिता में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और विशिष्ट योगदान के लिए ‘एक्सेप्शनल लीडरशिप एंड कंट्रीब्यूशन टू जर्नलिज्म’ (अमेज़ अवॉर्ड 2026) से सम्मानित किया गया.
भारत एक्सप्रेस की ओर से खालिद रजा खान (भारत एक्सप्रेस की उर्दू विंग के चीफ) एवं सोशल मीडिया हेड पूजा चौबे ने स्मृति चिह्न, सम्मान पत्र एवं प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया. वहीं, इस अवसर पर मंच से वरिष्ठ जनों और वक्ताओं ने CMD उपेन्द्र राय के पत्रकारीय अवदान को रेखांकित किया.
‘अमेज़ फाउंडेशन’ की ओर से भेंट किए गए प्रशस्ति पत्र में भारत एक्सप्रेस के CMD उपेन्द्र राय के संघर्ष, जिजीविषा और नेतृत्व कौशल की सराहना की गई. गाज़ीपुर के शेरपुर गांव से शुरू हुआ उनका सफर भारतीय पत्रकारिता के इतिहास में एक मिसाल है. छात्र जीवन में बीबीसी रेडियो की खबरें सुनकर नोट्स बनाने से प्रारंभ हुई उनकी यह यात्रा सहारा न्यूज़ नेटवर्क, स्टार न्यूज़, सीएनबीसी-आवाज़ और तहलका जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के शीर्ष पदों तक पहुंची.
CMD उपेन्द्र राय ने लगभग तीन दशकों के अपने करियर में न केवल पत्रकारिता के बदलते स्वरूप को समझा, बल्कि दूरदर्शिता दिखाते हुए वर्ष 2023 में ‘भारत एक्सप्रेस’ न्यूज़ चैनल और नेटवर्क की नींव रखी. आज भारत एक्सप्रेस टीवी, डिजिटल और प्रिंट के साथ-साथ हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू तीनों विंग में जनसरोकारी और सत्य-साहस-समर्पण वाली पत्रकारिता का पर्याय बन चुका है.
कार्यक्रम में जैसे-जैसे दिन ढलता गया, देश-विदेश से जुटे नौजवान और वरिष्ठ शायरों की रचनाओं से शाम और अधिक रोशन होती चली गई. डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, आलोक अविरल, शकील आज़मी, डॉ. माजिद देवबंदी और शकील जमाली जैसे मूर्धन्य साहित्यकारों एवं शायरों ने अपनी पुरअसर शायरी से महफ़िल में चार चांद लगा दिए और युवा शायरों की भरपूर हौसला-अफ़ज़ाई की. यह शाम हिंदी और उर्दू के साझा सांस्कृतिक प्रवाह और निर्भीक पत्रकारिता के सम्मान का अद्भुत प्रतीक बन गई.
Aaj Ka Rashifal Dhanu Rashi: नवरात्रि के चौथे दिन धनु राशि वालों को करियर, कारोबार…
उत्तर प्रदेश में 14.71 करोड़ से अधिक जरूरतमंदों को पारदर्शी तरीके से राशन मिल रहा…
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस साल दुर्गा पूजा के दौरान राज्य के…
लखनऊ में बाढ़ का पानी उतरते ही नगर निगम ने सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान…
Dussehra 2026: दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व माना जाता है. पौराणिक मान्यता…
₹15,000 से कम कीमत में बाजार में कई बेहतरीन 5G स्मार्टफोन्स उपलब्ध हैं. इस प्राइस…