कला-साहित्य

लोक गायिका कल्पना पटवारी ने बेंगलुरु के आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर में बिहार महोत्सव में दी शानदार प्रस्तुति, भोजपुरी में बिखेरा जलवा

प्रसिद्ध भोजपुरी और लोक गायिका कल्पना पटवारी ने आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर, बेंगलुरु में आयोजित बिहार महोत्सव 2026 में अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति दी. उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट कर इसे सम्मान और खुशी का विषय बताया तथा गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर जी और बिहार सरकार का आभार व्यक्त किया.

चार दिवसीय बिहार महोत्सव (3 से 6 सितंबर 2026) का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर की उपस्थिति में किया. इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार और अन्य नेता भी मौजूद रहे. महोत्सव का उद्देश्य बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कला, पर्यटन, उद्योग और विकास की नई तस्वीर देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करना था. आर्ट ऑफ लिविंग परिसर में बिहारी व्यंजन, हस्तशिल्प स्टॉल, योग-आयुर्वेद सत्र, बच्चों के लिए गतिविधियां और लाइव सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए. लगभग एक लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद थी.

राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित की जा चुकीं गायिका

कल्पना पटवारी, जिन्हें बिहार कला सम्मान (राष्ट्रीय पुरस्कार) 2023-24 से सम्मानित किया जा चुका है और हाल ही में पंडित राजकुमार शुक्ल कला शिखर सम्मान भी मिला है, ने 5 सितंबर को विशेष प्रस्तुति दी. बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने बिहार की आवाज, परंपराओं और गौरव को दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाने का अपना विशेषाधिकार बताया. उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति बिहार की शाश्वत संस्कृति, संगीत और लोगों को समर्पित है. गुरुदेव द्वारा कला, संस्कृति और आध्यात्मिकता को एक मंच पर लाने वाले सुंदर प्लेटफॉर्म के लिए उन्होंने गहरी कृतज्ञता व्यक्त की.

भोजपुरी लोक संगीत से जलवा बिखेर रहीं कल्पना

आज बिहार महोत्सव में झिझिया, सामा-चकेवा, कजरी, झूमर जैसे लोक नृत्य-संगीत के साथ अन्य कलाकारों ने भी प्रस्तुतियां दीं. असम मूल की कल्पना पटवारी भोजपुरी लोक संगीत की प्रमुख आवाज मानी जाती हैं. उन्होंने भिखारी ठाकुर की परंपराओं को पुनर्जीवित करने और छठ गीतों समेत विभिन्न शैलियों में काम किया है. उनकी प्रस्तुति ने बिहार की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर और मजबूत किया. यह आयोजन ‘एक बिहार, श्रेष्ठ बिहार’ की भावना को बढ़ावा देता है और राज्य की विविध परंपराओं का उत्सव मनाता है.

यह भी पढ़िए: फ्रांस की धरती पर सनातन का परचम: पेरिस में BAPS के पहले हिंदू मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा

Bharat Express Desk

Recent Posts

चीन की घटती आबादी: भारत के लिए नया भू-राजनीतिक खतरा?

मिडिल ईस्ट फोरम के विशेषज्ञों के अनुसार, चीन की घटती आबादी और जनसांख्यिकीय संकट भारत…

10 minutes ago

होर्मुज में बर्बाद हुआ तेल: भारत का होता तो कब तक थमता देश? रेल, रसोई, सड़क, फ्लाइट से समझें आंकड़े

Hormuz Strait Tanker Explosion: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बारूदी सुरंग से टकराकर एक विशाल तेल…

26 minutes ago

अंतरिक्ष में चमकेगा भारत! 2563 करोड़ के GSAT-7C प्रोजेक्ट से मजबूत होगी वायुसेना

भारत अपनी सैन्य ताकत को अंतरिक्ष तक बढ़ा रहा है. रक्षा मंत्रालय ने 2,563 करोड़…

27 minutes ago

‘सेवा ही साधना है’, नवरात्रि पर गौतम अदाणी ने लिया गुरुदेव का आशीर्वाद, समाज सेवा पर दिया जोर

नवरात्रि के अवसर पर गौतम अदाणी ने दक्षिण गुजरात के श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर का…

33 minutes ago

लखनऊ में ‘सनातन विरोधी रावण’ पोस्टर से सियासी बवाल; अतीक-अखिलेश-राहुल एक साथ, मस्क-सोरोस तक निशाने पर

UP News: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पोस्टर वार तेज हो…

47 minutes ago

क्रिकेट इतिहास का काला दिन: पिच विवाद के बाद भड़की भीड़, हैदराबाद टेस्ट में जमकर हुई थी तोड़फोड़

18 अक्टूबर 1969 को हैदराबाद के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट के दौरान…

56 minutes ago