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माघ गुप्त नवरात्रि आज से शुरू, घटस्थापना के लिए ये है शुभ मुहूर्त, करेंगे ये काम तो मां दुर्गा की हमेशा रहेगी कृपा

Magh Gupt Navratri 2024: हिंदी पंचांग के अनुसार 10 फरवरी यानी आज से माघ नवरात्रि की शुरुआत हो रही है. यह नवरात्रि 18 फरवरी तक चलेगी. माघ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि भी कहा जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान गुप्त विधि से दस महाविद्या की उपासना की जाती है. वाम मार्ग (तांत्रिक) से माता की आराधना करने वाले इस दौरान दस महाविद्या की विशेष पूजा अर्चना करते हैं. माघ नवरत्रि में मां दुर्गा की उपासना भी बेहद शुभ फलदायी मानी गई है. यहां जानिए माघ नवरात्रि में क्या करना आपके लिए अच्छा रहेगा.

माघ नवरात्रि 2024 शुभ मुहूर्त

  • घटस्थापना की तारीख- 10 फरवरी 2024 (शनिवार)
  • कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त- सुबह 09 बजकर 01 मिनट से 0 बजकर 35 मिनट तक
  • घटस्थापना की कुल अवधि- एक घंटा 34 मिनट
  • घटस्थापना के लिए अभिजित मुहूर्त – दोपहर 12.30 बजे से 01.16 बजे के बीच

पंचांग के अनुसार, माघ गुप्त नवरात्रि के लिए प्रतिपदा तिथि की शरुआत आज सुबह 4 बजकर 28 मिनट से हो चुकी है. जबकि प्रतिपदा तिथि की समाप्ति 11 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 47 मिनट पर होगी.

माघ नवरात्रि 2024 के दौरान क्या करें

वैसे तो माघ नवरात्रि में दस महाविद्या की उपासना की जाती है. लेकिन, इस दौरान मां दुर्गा की उपासना भी शुभ फलदायी बताई गई है. ऐसे में मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए रोजाना उन्हें लाल (गलहड़) का फूल अर्पित करें. दुर्गा चालीसा का पाठ करना अच्छा रहेगा. नवरात्रि के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत शुभ और लाभकारी माना गया है. मान्यता है कि इस दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से मनोकामना पूरी होती है. अगर दुर्गा सप्तशती का पाठ नहीं कर सकते हैं तो ‘जय मां दुर्गा जय मां तारा दयामयी कल्याण करो’ इसका पूजन के दौरान मन ही मन बोल कर सकते हैं.

नवरात्रि के दौरान क्या ना करें?

मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए नवरात्रि के दौरान कई लोग व्रत रखते हैं. व्रत के दौरान किसी के प्रति भी मन में बुरे विचार ना लाएं. साथ ही किसी को भी अपशब्द ना बोलें. ऐसा करने से पूजा-पाठ का कोई लाभ नहीं मिलता है. ऐसे में नवरात्रि के दौरान इस बात का खास ख्याल रखें. नवरात्रि के दौरान किसी भी महिला, कन्या, बच्ची को किसी प्रकार से नुकसान न पहुंचाएं. घर में मातृ शक्ति यानी दादी, नानी, माता, बहन की का निरादर ना करें.

Dipesh Thakur

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