आस्था

नए साल पर ‘दिव्य’ होगा बाबा महाकाल का दरबार! 5 लाख रुद्राक्ष और 11 हजार डमरूओं से सज रही अवंतिका नगरी

Mahakaleshwar Temple Ujjain: साल 2025 अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. एक दिन के बाद दुनिया 2026 का पहले सूरज को सलाम करने के लिए व्याकुल है. इसी बीच नववर्ष 2026 की भव्य तैयारी महाकाल की नगरी में भी चल रही है. नववर्ष के भव्य स्वागत के लिए अवंतिका नगरी में भक्ति और कला का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है. विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर के आंगन और श्री महाकाल लोक को अलौकिक स्वरूप देने के लिए वडोदरा का डमरू फाउंडेशन इन दिनों युद्धस्तर पर सजावट के कार्य में जुटा है.

फाउंडेशन की सदस्य डॉली मिस्ट्री के नेतृत्व में वडोदरा से आए 108 सदस्यों का दल दिन-रात मेहनत कर बाबा के दरबार को दिव्य रूप प्रदान कर रहा है. इस बार की सजावट विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है क्योंकि पूरा परिसर लगभग 5 लाख रुद्राक्ष और 11 हजार डमरूओं के कलात्मक संयोजन से सज रहा है. पिछले साल केदारनाथ धाम को अपनी सेवा देने के बाद अब यह दल महाकाल नगरी में अपनी कला का जादू बिखेर रहा है.

युवा पीढ़ी को जोड़ना है उद्वेश्य

​सजावट के माध्यम से फाउंडेशन का उद्देश्य युवा पीढ़ी को समाज सेवा और सनातन मूल्यों से जोड़ना है. डॉली मिस्ट्री ने बताया कि आज के दौर में जब युवा दिशाहीन हो रहे हैं, तब इस तरह के पुनीत कार्य उन्हें संस्कृति की ओर आकर्षित करने का एक जरिया हैं.

उन्होंने कहा कि हम यहां पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल जी की सजावट कर रहे हैं. ये सजावट रुद्राक्ष और डमरू की मदद से किया जा रहा है. मंदिर परिसर के गेट से लेकर 108 पिलर की सजावट की जा रही है. इस सजावट में 11 हजार डमरू और 5 लाख रुद्राक्ष लगेंगे.

ये भी पढ़ें- स्वच्छता में नंबर-1 इंदौर की ‘गंदी’ हकीकत! दूषित पानी ने ली 7 की जान, 100 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती

महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति कर रही देखरेख

सजावट का यह पूरा कार्य श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के दिशा-निर्देशों, मर्यादा और कड़े सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा रहा है. रुद्राक्ष और डमरूओं की गूंज और उनकी कलात्मक छटा नए साल की शुरुआत पर भक्तों के लिए एक यादगार और आध्यात्मिक अनुभव बनने जा रही है, जो उज्जैन की धर्मधुरी को और भी गौरवशाली बनाएगी.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

Recent Posts

नाना पाटेकर की पत्नी नीलकांति पाटेकर कौन हैं, 35 साल से क्यों हैं अलग? जानिए उनकी जिंदगी, करियर और रिश्ते की पूरी कहानी

नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी पत्नी नीलकंती पाटेकर चर्चा में हैं. जानिए मराठी…

2 seconds ago

जंतर-मंतर प्रदर्शन: यूथ कांग्रेस की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट आज करेगा सुनवाई

दिल्ली हाईकोर्ट जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के…

53 seconds ago

‘मुझे क्यों नहीं..’ भारी दर्द में हैं डोनाल्ड ट्रंप! नोबेल कमेटी को क्या-क्या ताने मारे?

Donald Trump On Nobel Peace Prize: नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के ऐलान से पहले डोनाल्ड…

10 minutes ago

पटना में सीईसी के खिलाफ आंदोलन पर सांसद मनोज झा बोले- ‘लोकतंत्र के लिए यह मुश्किल समय, अब निरंतरता में होंगे प्रदर्शन’

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश…

10 minutes ago

जब चंद्रशेखर संग हेलिकॉप्टर से लगाया गांव का चक्कर, जानिए जेपी के सिताब दियारा से आखिरी सफर की कहानी

Jayaprakash Narayan Death Anniversary: संपूर्ण क्रांति के नायक जेपी की आज पुण्यतिथि है. 1978 में…

22 minutes ago