Indore News: देशभर में आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण में डंका पीटने वाले इंदौर की असली तस्वीर मंगलवार को सामने आ गई. जहां के रहने वालों को पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल रहा है. हालत ये है कि शहर में गंदा पानी पीने से अबतक 7 लोगों की मौत हो चुकी है.
यह मामला इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र का है. सोमवार 29 दिसंबर को 100 से ज्यादा लोग उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर अस्पतालों की चौखट पर पहुंचे. जब यह मामला प्रशासन की नजर में आया तो हड़कंप मच गया. आनन-फानन में इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
26 दिसंबर को हुई पहली मौत
जानकारी के मुताबिक गंदे पानी से पहली मौत 26 दिसंबर को हुई थी, लेकिन फिर भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी. मात्र 4 दिनों के अंदर एक-एक करके 7 लोगों ने दम तोड़ दिया.
इन लोगों ने तोड़ा दम
मरने वालों में गोमती रावत (50),उर्मिला यादव (69), सीमा प्रजापत (35), उमा पप्पू कोरी (31), नंदलाल पाल (75), मंजुला दिगंबर (70) और तारा रानी (70) शामिल हैं.
सर्वे करने पहुंची टीम रह गई हैरान
30 दिसंबर दिन मंगलवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम भागीरथपुरा क्षेत्र में सर्वे करने पहुंची तो हैरान करने वाला मामला सामने आया. स्वास्थ्य विभाग को पता चला कि इस इलाके में मौजूद ज्यादातर घरों में उल्टी-दस्त के मरीज हैं.
ये भी पढ़ें- “बेटा, स्कूल कब जाओगे?” नए साल पर ज्ञान देना अभिनव अरोड़ा को पड़ा भारी, यूजर्स ने लगा दी क्लास
मेन लाइन के ऊपर बना था शौचालय
जब नगर निगम की टीम ने दूषित पानी की वजह जानने के लिए जलवितरण लाइनों को चेक की. तो पता चला कि जिस मेन लाइन से भागीरथपुरा में जल का वितरण होता है, उसी के ऊपर ही कई जगहों पर शौचालय बना हुआ है. वहीं कई जगहों पर मेन लाइन ही फूटी पड़ी थी. जिससे ड्रेन का पानी सीधे पीने के पानी से मिलकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा था.
इसके अलावा कई अन्य जगहों पर वितरण लाइनों में भी टूट-फूट मिली. जिसके बाद इन इलाकों में टैंकरों से पीने के पानी की व्यवस्था की गई.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





