Pitru Paksha Panchang: हिंदू पंचांग और सनातन परंपराओं के अनुसार, पितृ पक्ष का यह पावन समय पूर्वजों के प्रति सम्मान, श्रद्धांजलि और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए समर्पित होता है. आगामी 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है, जो पितृ पक्ष के अंतर्गत पंचमी श्राद्ध के रूप में मनाई जाएगी. आइए जानते हैं इस दिन के पंचांग, नक्षत्र योग और सभी महत्वपूर्ण समयों की पूरी जानकारी.
पंचांग के अनुसार, 1 अक्टूबर को पंचमी तिथि दोपहर 12:35 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात षष्ठी तिथि का आरंभ होगा.
श्राद्ध का महत्व: पितृ पक्ष के दौरान आने वाली यह तिथि उन पूर्वजों के श्राद्ध के लिए समर्पित है जिनकी मृत्यु किसी भी महीने की पंचमी तिथि को हुई हो. परिवार के लोग विधि-विधान से तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करते हैं.
दिन का मुख्य भाग: चूंकि पंचमी तिथि दोपहर 12:35 बजे तक है, इसलिए दिन के पहले हिस्से में पंचमी से जुड़े धार्मिक कार्य करना उत्तम माना गया है.
राहुकाल: अशुभ माना जाने वाला राहुकाल दोपहर 1:39 बजे से 3:09 बजे तक रहेगा. इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है.
पितृ पक्ष के इन विशेष दिनों में लोग अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के नियमों का पालन करते हुए अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं.
अस्वीकरण (Disclaimer): पितृपक्ष के संबंध में यह जानकारी (Pitru Paksha Panchang) पंचाग सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं के साथ ही तमाम स्थानों, प्रवचनों के आधार पर तैयार की गई है. भारत एक्सप्रेस इसकी कोई नैतिक पुष्टि नहीं करता है और न ही किसी अंधविश्वास को बढ़ावा देता है. पाठक अपने विवेक और व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार ही निर्णय लें.
Ravan Dahan viral video: दशहरे पर रावण दहन के दौरान पुतले में आग लगते ही…
डॉक्टर के घर पर पार्सल डिलीवर करने आए एक डिलीवरी बॉय ने अपनी बहादुरी और…
IND vs NZ: भारत-न्यूजीलैंड टी20 सीरीज से पहले वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग XI में जगह…
Ghar se chinti kaise bhagaye: गर्मी और बरसात में घर में चींटियों का आना आम…
एशियन पैरा गेम्स के तीसरे दिन भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मेडल…
दशहरे पर रावण दहन और आतिशबाजी के बाद दिल्ली-NCR की हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई…