आज पितृ पक्ष की द्वितीया श्राद्ध, पंचांग में जानें क्या कहती है ग्रहों की चाल
Pitru Paksha Panchang: आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि और द्वितीया श्राद्ध का संयोग है. पंचांग के अनुसार रेवती और अश्विनी नक्षत्र के साथ-साथ अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल की विशेष स्थितियां बन रही है.
आश्विन माह की शुरुआत के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग, प्रतिपदा श्राद्ध पर जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल
Aaj Ka Panchang: 27 सितंबर 2026 से आश्विन माह की शुरुआत हो रही है और आज पितृ पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर प्रतिपदा श्राद्ध किया जाएगा. आज सर्वार्थ सिद्धि योग, अभिजीत मुहूर्त और शुभ चौघड़िया के साथ राहुकाल व पंचक का भी ध्यान रखना जरूरी है.
‘लोहार्गल’ आप भी आएंगे क्या? यह है देश का सबसे सिद्ध-चमत्कारी पितृ तीर्थ, सूर्यकुंड में विसर्जित होती हैं अस्थियां; पांडवों से ताल्लुक
Lohargal Surya Kund Pitru Paksha Pind Daan: राजस्थान के लोहार्गल स्थित सूर्यकुंड में पितृपक्ष पर पिंडदान का विशेष महत्व है. महाभारत काल में पांडवों के शस्त्र यहीं गले थे और परशुराम जी ने भी तर्पण किया था.
पाण्डु पिंडारा धाम: 5000+ साल का इतिहास- यहां पिंडदान से मिलता है पितरों को मोक्ष, श्रीकृष्ण के कहने पर पांडवों ने भी किया था
Pandu Pindara Dham Jind Pind Daan: हरियाणा के जींद स्थित पाण्डु पिंडारा धाम में पितृपक्ष पर पिंडदान का विशेष महत्व है. महाभारत युद्ध के बाद श्रीकृष्ण के कहने पर पांडवों ने यहां तर्पण किया था.
पितृपक्ष में मोक्षदायी है महाराष्ट्र का मेघंकर तीर्थ, यहां श्राद्ध करने से पितरों को मिलती है मुक्ति
Meghankar Tirtha Pitru Paksha Shradh: महाराष्ट्र के खामगांव स्थित मेघंकर तीर्थ पर पितृपक्ष में पिंडदान का विशेष महत्व है. पैनगंगा तट पर बसे इस पावन धाम पर श्राद्ध से पितरों को मोक्ष मिलता है.
पितृपक्ष में यहां के 52 घाटों पर उमड़ते हैं श्रद्धालु, जानिए श्राद्ध और पिंडदान का महत्व – परमेश्वर श्रीराम ने भी पूरी की थी विधि
Pushkar Pitru Paksha Pind Daan significance: तीर्थ गुरु पुष्कर के 52 घाटों पर पितृपक्ष में तर्पण और पिंडदान का विशेष महत्व है. भगवान श्रीराम ने भी यहां पिता दशरथ का श्राद्ध और तर्पण किया था.
पितृ पक्ष 21 सितंबर तक: किसी मृत व्यक्ति की संतान न हो तो पत्नी कर सकती है श्राद्ध, पत्नी भी न हो तो कुटुंब लोग कर सकते हैं धूप-ध्यान
देशभर में पितृ पक्ष का पावन समय जारी है, जब परिवार अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध-धूप करते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसमें महिलाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है.
Pitru Paksha 2025: कब से शुरू होंगे श्राद्ध और जानें सभी महत्वपूर्ण तिथियां
Pitru Paksha 2025: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ देवताओं को प्रसन्न करने से परिवार में सुख, समृद्धि और आशीर्वाद प्राप्त होते हैं. इस दौरान श्रद्धालु अपने पूर्वजों की याद में श्राद्ध और दान धर्म करते हैं.





