Rath Yatra 2026: अगर आप भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए ओडिशा के पुरी जाने की सोच रहे थे लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी या समय की कमी के चलते ऐसा नहीं कर पाए, तो निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. दिल्ली और उसके आस-पास में ही प्रभु जगन्नाथ के कई ऐसे चमत्कारी और भव्य मंदिर मौजूद हैं जहां कदम रखते ही आपको पुरी जैसा ही दिव्य अहसास होगा.
यहां भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और लाडली बहन सुभद्रा के साथ विराजमान हैं. खासकर आषाढ़ महीने में निकलने वाली भव्य रथ यात्रा जो आज होने वाली है उसे देखने भी आप इन मंदिरों में जा सकते हैं. इसके अलावा जन्माष्टमी और किसी भी बड़े त्योहार पर इन मंदिरों की रौनक देखते ही बनती है. आइए आपको बताते हैं दिल्ली-NCR के उन प्रमुख जगन्नाथ मंदिरों के बारे में जहां जाकर आपके मन को शांति मिलेगी.
साउथ दिल्ली के त्यागराज नगर में स्थित यह मंदिर राजधानी के सबसे मशहूर और पुराने जगन्नाथ मंदिरों में से एक है. इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां बिल्कुल ओडिशा की पारंपरिक पूजा-पद्धति का पालन किया जाता है.
आज यानी रथ यात्रा के दिन यहां का नजारा देखने लायक होता है जब हजारों की संख्या में भक्त भगवान का रथ खींचने उमड़ पड़ते हैं. अगर आप रोजमर्रा के तनाव से दूर कुछ पल शांति से बिताना चाहते हैं तो यहां की शाम की आरती में जरूर शामिल हों.
दिल्ली के पॉश इलाके हौज खास में स्थित यह मंदिर न सिर्फ आस्था का केंद्र है बल्कि ओडिशा की समृद्ध संस्कृति और वास्तुकला की एक सुंदर झलक भी पेश करता है. यहां नियमित रूप से होने वाले भजन-कीर्तन और उत्सवों की वजह से हमेशा एक सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है. त्योहारों के मौके पर इस पूरे परिसर को इतने खूबसूरत तरीके से सजाया जाता है कि आपकी नजरें नहीं हटेंगी.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों के लिए यह मंदिर आस्था का सबसे बड़ा ठिकाना है. इस मंदिर का परिसर बेहद स्वच्छ, सुव्यवस्थित और शांत है. आज भी इस मंदिर में भव्य यात्रा का आयोजन किया जा रहा है, अगर आप चाहें तो दर्शन के लिए जा सकते हैं. इतना ही नहीं वीकेंड पर भी लोग यहां अपने परिवार और बच्चों के साथ दर्शन करने आते हैं. सुबह और शाम के समय होने वाली महाआरती यहां का मुख्य आकर्षण है जिसमें शामिल होकर मन पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है.
ये भी पढ़ें- Rashifal 16 July 2026: इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल
एनसीआर के गाजियाबाद और फरीदाबाद जिलों में भी प्रभु जगन्नाथ के बेहद सुंदर मंदिर बने हुए हैं. स्थानीय लोगों के बीच इन मंदिरों की भारी मान्यता है. गाजियाबाद के मंदिर में जन्माष्टमी और रथ यात्रा पर पैर रखने तक की जगह नहीं होती, वहीं फरीदाबाद का मंदिर अपनी सादगी और आध्यात्मिक वातावरण के लिए जाना जाता है.
सही समय का चुनाव: दोपहर के वक्त मंदिर बंद रहते हैं, इसलिए सुबह 7 से 11 या फिर शाम को 5 बजे के बाद जाना सबसे सही रहेगा.
शालीन पहनावा: मंदिर की मर्यादा का ध्यान रखते हुए पारंपरिक या शालीन कपड़े पहनकर ही जाएं.
सफाई और शांति: मंदिर परिसर में शांति बनाए रखें और गंदगी बिल्कुल न फैलाएं.
भीड़ से बचें: अगर आप त्योहारों के दिन जा रहे हैं, तो थोड़ा जल्दी निकलें ताकि आरती और दर्शन आसानी से हो सकें.
तो आज अगर आप भी इस बार जगन्नाथ यात्रा के दर्शन के लिए पुरी नहीं जा सके, तो दिल्ली-NCR के इन मंदिरों में जरूर जाएं.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में भारत में जन्मी मादा चीता KGP12 ने चार…
मुरादाबाद में होमगार्ड भर्ती की 4800 मीटर दौड़ के दौरान BTech पास अभ्यर्थी की मौत.…
Radha Ashtami 2026: राधा अष्टमी 2026 में 19 सितंबर, शनिवार को मनाई जाएगी. मध्याह्न पूजा…
तुलसी माला और रुद्राक्ष को एक साथ पहना जा सकता है. धार्मिक मान्यताओं में इसे…
केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र…
दिल्ली के स्वरूप नगर में प्रेमी से मिलने गई नाबालिग की गैंगरेप के बाद चाकुओं…