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Rath Yatra 2026

महाप्रभु जगन्नाथ का हर साल गुंडिचा मंदिर जाना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि भक्त को दिए वचन का प्रतीक है. जानिए क्यों तीनों भाई-बहनों का रथ इसी मंदिर में जाता है, क्या है 9 दिनों के प्रवास की कहानी और पोडा पीठा भोग का महत्व.

अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा के दौरान इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े और अनोखे इंतजाम देखने को मिले. यात्रा में शामिल हाथियों के पैरों को जंजीरों से बांधा गया था और संकरे खड़िया पोल इलाके में पहुंचते ही पुलिस ने सड़क को खाली करा दिया.

12वीं शताब्दी से चली आ रही ऐतिहासिक जगन्नाथ पुरी रथयात्रा आज से शुरू हो रही है. इस महापर्व में शामिल होने के लिए करीब 15 लाख श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की उम्मीद है. सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए 12 हजार जवान तैनात किए गए हैं, वहीं रेलवे 300 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चला रहा है.

देशभर में धूमधाम से मनाई जा रही भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. अमित शाह ने ट्वीट कर इस पावन पर्व को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अटूट आस्था का प्रतीक बताया और महाप्रभु से देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की.

ओडिशा के पुरी की तर्ज पर दिल्ली-एनसीआर में भी भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के कई भव्य मंदिर हैं. रथ यात्रा के पावन अवसर पर यदि आप पुरी नहीं जा सके, तो दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के इन प्रसिद्ध मंदिरों में जाकर हुबहू वैसा ही दिव्य अनुभव और मानसिक शांति पा सकते हैं.