-भारत एक्सप्रेस
Photo- Luka Modric (@lukamodric10)/ Instagram
Luka Modric Profile Story: टूटने लगे हौसले तो ये याद रखना, बिना मेहनत के तख्तो-ताज नहीं मिलते.., कुछ ऐसी ही कहानी है लुका मोड्रिच (Luka Modric) की. ये वो खिलाड़ी हैं जिन्होंने फुटबॉल जगत के स्टार मेसी और रोनाल्डो की बादशाहत कम कर दी थी. क्रोएशिया के कप्तान और स्पेनिश क्लब रियल मैड्रिड के सेंटर मिडफील्डर लुका मोड्रिक जब मैदान पर रहते हैं तो विरोधी टीम की सांसे फूलने लगती है. क्योंकि वो भी जानते हैं कि ये खिलाड़ी कहीं से भी गेम पलटने का दम खम रखता है. सेंटर मिडफील्डर लुका सटीक लॉन्ग पास, ड्रिबलिंग, थ्रू बॉल्स और गोल असिस्ट्स के लिए जाने जाते हैं. छोटी कद काठी के लुका फील्ड पर बड़े ही खतरनाक खिलाड़ियों में गिने जाते हैं.
लुका अपने खेल के लिए तो जाने जाते ही है, साथ ही वो सबसे ज्यादा लाइमलाइट में तब आए जब 2018 में मोड्रिच की कप्तानी में क्रोएशिया ने सभी को चौंकाते हुए फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल तक का सफर तय किया था. उन्हें टूर्नामेंट का बेस्ट खिलाड़ी भी चुना गया था. लेकिन 37 साल के मोड्रिच के लिए यहां तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा है.
रिफ्यूजी कैंप में बीता बचपन
वैसे तो खेल जगत में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जिनका बचपन संघर्ष और तकलीफों से भरा रहा. लेकिन लुका मोड्रिक की कहानी सबसे अलग और रुला देने वाली है. इस खिलाड़ी का जन्म 1985 में जदर, तब के यूगोस्लाविया में हुआ था. महज 6 साल की उम्र से ही मोड्रिक ने बहुत कुछ झेला है, क्योंकि उस समय यूगोस्लावियन गृहयुद्ध छिड़ गया था. आलम ये था कि सर्बिया के सैनिक क्रोएशिया के आम लोगों की हत्या कर रहे थे. इस दौरान गोलीबारी हुई जिसमें मोड्रिच के दादा जी की मौत हो गई.
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लुका के लिए उनके दादा जी काफी खास थे क्योंकि वहीं उनका पालन-पोषण करते थे क्योंकि इस खिलाड़ी के माता-पिता कपड़े के कारखाने काम करने जाते थे. दादा की मौत के बाद उनके परिवार को मोड्रीसी से पलायन कर रिफ्यूजी कैंप में रहना पड़ा. ये कैंप एक होटल में था जहां वो पार्क में फुटबॉल की प्रैक्टिस भी किया करते थे.
यहीं से धीरे-धीरे उनके करियर ने टर्निंग पॉइंट्स शुरू हुआ. लड़ाई के दौरान ही एक लोकल क्लब ने मोड्रिच के खेल के बारे में सुना और उन्हें अपने साथ जोड़ लिया. लड़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने खेल जारी रहा और लगातार बेहतर होते गए. 2003 में क्रोएशिया के ही क्लब डिनामो जेगरेब के लिए सीनियर डेब्यू किया. उन्हें फिर 2016 में क्रोएशिया के लिए खेलने का मौका मिला. बता दें वो चार बार फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रहे.
लुका ने खत्म की मेसी और रोनाल्डो की बादशाहत!
एक दशक से भी ज्यादा समय तक फुटबॉल की दुनिया में दो नामों की बादशाहत रही है. लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो का खेल देखकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता था. लेकिन इस बीच मैदान में एक नया खिलाड़ी आया जिसने इन दो दिग्गजों के बीच अपने नाम का लोहा मनवाया. लुका वो खिलाड़ी हैं, जिन्होंने साल 2018 में फुटबॉल के सबसे प्रतिष्ठित खिताब ‘बेलोन डी’ को जीतकर करीब एक दशक से चली आ रही मेसी और रोनाल्डो की बादशाहत को झटका दिया था.
अब देश को चैंपियन बनाने की राह पर लूका
2018 की कमी को पूरा करने के लिए क्रोएशिया के कप्तान और स्पेनिश क्लब रियल मैड्रिड के सेंटर मिडफील्डर लुका मोड्रिक हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. टूर्नामेंट में अब तक क्रोएशिया का खेल शानदार रहा है. अब पहला सेमीफाइनल 13 दिसंबर (मंगलवार) को रात 12:30 बजे से अर्जेंटीना और क्रोएशिया के बीच खेला जाएगा. यानी लुका vs मेसी की फैंस को टक्कर भी दिखेगी. जो भी टीम यहां जीतेगी वो अपने सपने के एक कदम और करीब है.
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