Sanju Samson Player of the Series: रविवार (8 मार्च) को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के सामने 256 रन का विशाल लक्ष्य रख दिया. भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और किवी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा. इस भारतीय पारी में जिसने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा वो थे संजू सैमसन, जिन्होंने इस बार भी एक सूझ-बूझ भरी टीम पारी खेली. सैमसन ने 46 गेंदों में 89 रन बनाए.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू सैमसन की पारी काबिल-ए-तारीफ रही. उन्होंने न सिर्फ भारत को विश्व कप में जीत दिलाई, बल्कि अपने शानदार प्रदर्शन के साथ खुद के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब भी जीता. सैमसन ने अपनी 5 पारियों में 321 रन बनाए, 77.33 की औसत और 201.73 की स्ट्राइक रेट हासिल की, जिसके बदौलत उन्हें यह सम्मान मिला.
संजू सैमसन ने धीमी शुरुआत करते हुए टीम को स्थिरता दिलाई. उनके साथ बल्लेबाजी कर रहे अभिषेक शर्मा ने अपने पुराने अंदाज में आक्रामक बल्लेबाजी की और 21 गेंदों में 52 रन की किफायती पारी खेली. जब तक अभिषेक बैटिंग कर रहे थे, तब तक संजू उनका बखूबी साथ निभा रहे थे. लेकिन अभिषेक के आउट होने के बाद संजू ने पूरा जिम्मा अपने ऊपर लिया और 33 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया.
संजू ने संयम और आक्रामकता के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया की पारी को संभाला और रनगति भी बनाए रखी. उनकी इस शानदार पारी की बदौलत भारत मजबूत स्थिति में नजर आया और किवी गेंदबाज लगातार दबाव में रहे.
पारी को आगे बढ़ाते हुए संजू सैमसन ने न्यूजीलैंड के स्पिनर रचिन रविंद्र के ओवर में जमकर रन बटोरे. इस ओवर में संजू ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 20 रन बनाए. ओवर की शुरुआत में उन्होंने एक-एक रन लिया, लेकिन बाद में लगातार तीन छक्के (6-6-6) जड़कर किवी गेंदबाज पर दबाव बना दिया.
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में संजू सैमसन की फॉर्म अहम समय पर आई. संजू ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ 97 रन की नाबाद पारी खेली और सेमीफाइनल मैच में इंग्लैंड के सामने 89 रन बनाए. हालांकि इस मैच में भी उन्होंने 89 रन की शानदार पारी खेली.
गुरुवार (5 मार्च) को सेमीफाइनल मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने संजू सैमसन से पूछा कि क्या आपको नहीं लगता कि आपने दो सेंचुरी मिस कर दीं? इसके जवाब में संजू ने कहा, “आप जानते हैं कि आप हर बार 100 नहीं बना सकते. असलियत यही है. यह कोई टेस्ट या वनडे क्रिकेट नहीं है, जहां आप ऊपर-नीचे जा सकते हैं. एक बार आपको शुरुआत मिल जाती है और आप पहले बैटिंग कर रहे हैं, तो फिर कोई और रास्ता नहीं है. आपको बस लगातार कड़ी मेहनत करते रहना है. इसलिए मुझे जितने भी रन मिल रहे हैं, उससे मैं बहुत खुश हूं और जीत वाली साइड में रहना हमेशा खुशी की बात है. अपने देश के लिए योगदान देकर मैं काफी संतुष्ट हूं.”
-भारत एक्सप्रेस
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