Odisha Taliban Punishment: ओडिशा में प्यार की तालिबानी सजा! बैल की जगह बांधकर जुतवाया खेत, कारण जानकर हो जाएंगे हैरान

Odisha Taliban Punishment: भारत की आजादी के 75 साल से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन जाति के मकड़जाल में उलझे समाज में रुढ़िवादी विचारधारा आज भी कायम है. इसका ताजा नजारा ओडिशा में देखने को मिला. जहां सूबे के रायगढ़ जिले के कंजामाझीरा गांव में सामाजिक परंपराओं के खिलाफ जाकर विवाह करने वाले एक जोड़े को बेहद ही शर्मनाक और अमानवीय सजा दी गई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है. जिसे लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है.

बताया जा रहा है कि, इस नये नवेले जोड़े ने हाल ही में अपनी सामाजिक परंपराओं को छोड़कर शादी की थी. जिसमें लड़का, लड़की की बुआ का बेटा है. जिसे गांव के रीति-रिवाज में वर्जित माना गया है.

बैल की जगह युवक-युवती को बांधा

गांव वालों ने इस रिश्ते को अपनी परंपरा पर हमला समझा और जोड़े को एक ऐसी सजा दी जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. गांववालों ने युवक-युवती से बैलों वाले हल से खेत जुतवाया, लेकिन इस हल में बैल की जगह जोड़े को बांध दिया गया. यह पूरी घटना अब सोशल मीडिया पर वायरल है.

गांव वाले लेते रहे क्रूरता का मजा

गांव वाले जोड़े को हल में बांधकर खेत जुतवाते रहे. उनके साथ अमानवीय व्यवहार करते रहे, लेकिन वहां मौजूद लोग दर्शक बनकर इस क्रूरता का मजा उठाते रहे. इस अपमानजनक सजा के बाद दोनों को फिर मंदिर ले जाया गया. वहां उनका शुद्धिकरण करके इस वर्जित विवाह को पवित्र किया गया.

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मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने की कड़ी निंदा

वहीं इस अपमानजनक और क्रूर सजा का वीडियो वायरल होने के बाद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की है. उन्होंने इसे तालिबानी करार देते हुए व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.

– भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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