उत्तर प्रदेश

कार छोड़ ई-रिक्शा से गांव पहुंचे अफसर, अमरोहा में SDM की पहल बनी चर्चा का विषय

Amroha SDM left his car reached office by e rickshaw: अमरोहा जनपद की मंडी धनौरा तहसील में उस समय लोग हैरान रह गए, जब प्रशासनिक अधिकारी सरकारी गाड़ियों का काफिला छोड़कर ई-रिक्शा में सवार होकर गांव की ओर निकल पड़े. पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की अपील का असर अब प्रशासनिक अधिकारियों में भी साफ दिखाई देने लगा है. प्रधानमंत्री की अपील को मानते हुए मंडी धनौरा के एसडीएम शैलेश दुबे, तहसीलदार मूसाराम थारू और पूरी राजस्व टीम सरकारी वाहनों के बजाय ई-रिक्शा में बैठकर करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित गांव कोराला पहुंची.

दरअसल प्रशासन को गांव कोराला में सरकारी खेल स्टेडियम की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत मिली थी. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम शैलेश दुबे के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जमीन की जांच शुरू कराई. गांव में प्रशासनिक टीम को ई-रिक्शा में आता देख ग्रामीण भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए. लोगों के बीच अधिकारियों की इस अनोखी पहल की जमकर चर्चा हो रही है. तपती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद अधिकारियों ने बिना किसी असुविधा की परवाह किए ई-रिक्शा से पूरा सफर तय किया.

ये भी पढ़ें: अब बिहार में नहीं गिरेगा कोई पुल! जानें क्या है सम्राट चौधरी सरकार का प्लान? मंत्री शैलेंद्र कुमार ने बताई डिटेल

मौके पर पहुंचकर राजस्व टीम ने सरकारी जमीन की पैमाइश कराई और अवैध कब्जे वाले हिस्से को चिन्हित किया. इसके बाद प्रशासन ने मौके पर पिलर लगवाकर सरकारी भूमि की सीमांकन प्रक्रिया पूरी कराई, ताकि भविष्य में दोबारा कब्जा न हो सके. एसडीएम शैलेश दुबे ने लोगों से पेट्रोल और डीजल की बचत करने की अपील करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल न सिर्फ आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है. उन्होंने कहा कि अगर आम लोग और अधिकारी छोटे-छोटे प्रयास करें, तो प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है. अधिकारियों की सादगी, अलग कार्यशैली और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को देखकर ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की. गांव में पूरे दिन प्रशासन की कार्रवाई के साथ-साथ अधिकारियों के ई-रिक्शा से पहुंचने की चर्चा होती रही. यह तस्वीर प्रशासन के उस बदले हुए स्वरूप को भी दिखाती है, जहां अधिकारी अब सिर्फ सरकारी कार्रवाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश देने का भी काम कर रहे हैं.

  • भारत एक्सप्रेस
Swati Pandey

Recent Posts

मेगा मिलेनियम के ठिकानों पर ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी, करोड़ों की विदेशी और भारतीय करेंसी बरामद

ईडी ने मेगा मिलेनियम प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े मुंबई, दिल्ली और महाराष्ट्र के ठिकानों पर…

10 minutes ago

अडानी पावर का बड़ा धमाका! दूसरी तिमाही में मुनाफा 142% बढ़कर ₹7,019 करोड़, कमाई में भी जबरदस्त उछाल

अडानी पावर ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना…

23 minutes ago

लसोड़ा… नाम तो सुना होगा! सेहत के लिए फायदे भी जानें, थाली का स्वाद और बीमारियों की छुट्टी

Lasoda Health Benefits: लसोड़ा (Indian Cherry) न सिर्फ अचार और सब्जी के लिए मशहूर है,…

27 minutes ago

‘भारत तुम्हारे साथ है, नरेंद्र’:पीएम मोदी ने स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राफिक अवतार से किया संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में चिन्मय अमृत महोत्सव सम्मेलन के दौरान स्वामी चिन्मयानंद…

29 minutes ago

सपा-कांग्रेस सीट शेयरिंग का खाका तैयार, समझिए 172 सीटों का ABCD फार्मूला

UP Assembly Election: सपा-कांग्रेस गठबंधन में सीट शेयरिंग पर मंथन शुरू हो गया है. कांग्रेस…

1 hour ago

ऑयल इंडिया ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन में की प्राकृतिक गैस की बंपर खोज

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन के उथले पानी वाले…

1 hour ago