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कार छोड़ ई-रिक्शा से गांव पहुंचे अफसर, अमरोहा में SDM की पहल बनी चर्चा का विषय

Amroha SDM left his car reached office by e rickshaw: प्रधानमंत्री की अपील को मानते हुए मंडी धनौरा के एसडीएम शैलेश दुबे, तहसीलदार मूसाराम थारू और पूरी राजस्व टीम सरकारी वाहनों के बजाय ई-रिक्शा में बैठकर करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित गांव कोराला पहुंची.

अमरोहा SDM ने शुरू की नई पहल

अमरोहा SDM ने शुरू की नई पहल

Amroha SDM left his car reached office by e rickshaw: अमरोहा जनपद की मंडी धनौरा तहसील में उस समय लोग हैरान रह गए, जब प्रशासनिक अधिकारी सरकारी गाड़ियों का काफिला छोड़कर ई-रिक्शा में सवार होकर गांव की ओर निकल पड़े. पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की अपील का असर अब प्रशासनिक अधिकारियों में भी साफ दिखाई देने लगा है. प्रधानमंत्री की अपील को मानते हुए मंडी धनौरा के एसडीएम शैलेश दुबे, तहसीलदार मूसाराम थारू और पूरी राजस्व टीम सरकारी वाहनों के बजाय ई-रिक्शा में बैठकर करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित गांव कोराला पहुंची.

दरअसल प्रशासन को गांव कोराला में सरकारी खेल स्टेडियम की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत मिली थी. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम शैलेश दुबे के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जमीन की जांच शुरू कराई. गांव में प्रशासनिक टीम को ई-रिक्शा में आता देख ग्रामीण भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए. लोगों के बीच अधिकारियों की इस अनोखी पहल की जमकर चर्चा हो रही है. तपती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद अधिकारियों ने बिना किसी असुविधा की परवाह किए ई-रिक्शा से पूरा सफर तय किया.

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मौके पर पहुंचकर राजस्व टीम ने सरकारी जमीन की पैमाइश कराई और अवैध कब्जे वाले हिस्से को चिन्हित किया. इसके बाद प्रशासन ने मौके पर पिलर लगवाकर सरकारी भूमि की सीमांकन प्रक्रिया पूरी कराई, ताकि भविष्य में दोबारा कब्जा न हो सके. एसडीएम शैलेश दुबे ने लोगों से पेट्रोल और डीजल की बचत करने की अपील करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल न सिर्फ आर्थिक रूप से फायदेमंद है, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है. उन्होंने कहा कि अगर आम लोग और अधिकारी छोटे-छोटे प्रयास करें, तो प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है. अधिकारियों की सादगी, अलग कार्यशैली और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को देखकर ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना की. गांव में पूरे दिन प्रशासन की कार्रवाई के साथ-साथ अधिकारियों के ई-रिक्शा से पहुंचने की चर्चा होती रही. यह तस्वीर प्रशासन के उस बदले हुए स्वरूप को भी दिखाती है, जहां अधिकारी अब सिर्फ सरकारी कार्रवाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश देने का भी काम कर रहे हैं.

  • भारत एक्सप्रेस


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