दीपोत्सव 2025 की दिव्यता के बीच रामकथा पार्क रविवार को एक ऐसे आध्यात्मिक क्षण का साक्षी बना, जब संतों ने एक स्वर में कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने वह कर दिखाया जो युगों तक असंभव रहा. प्रभु श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक में पहुंचे संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अभिनंदन और धन्यवाद दिया. मंच से भक्ति और राष्ट्रीय गौरव का ऐसा उद्गार फूटा जो पूरे पंडाल में गूंज गया. पूर्व सांसद डॉ. रामविलास वेदांती महाराज ने कहा कि अयोध्या में ऐसा दीपोत्सव कभी कोई सोच नहीं सकता था, लेकिन मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने असंभव को संभव बना दिया.
उनसे पहले कई मुख्यमंत्री हुए, पर किसी ने अयोध्या में ऐसे भक्ति-महोत्सव का स्वप्न तक नहीं देखा. लोगों ने सैफई महोत्सव करवाया और अपने घरों को सजाते रहे, लेकिन सीएम योगी ने अयोध्या में दीपोत्सव का शुभारंभ किया. हर वर्ष दीपों की संख्या बढ़ रही है. योगी ने विश्वभर के हिंदुओं के मस्तक को गर्व से ऊंचा किया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ और अशोक सिंघल का संकल्प योगी ने पूरा किया है.
जगतगुरु रामानुजाचार्य डॉ. राघवाचार्य जी महाराज ने कहा कि पिछली सरकारों ने अयोध्या को अंधकार में धकेल दिया था. लोग अयोध्या का नाम लेने से कतराते थे. आज वही अयोध्या प्रकाश की राजधानी बन गई है. योगी सादगी और सिद्धांत की जीवंत मूर्ति हैं. पहले के मुख्यमंत्री अयोध्या देखना नहीं चाहते थे, पर योगी लगभग हर महीने यहां आकर संतों का हाल जानते हैं. उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने कभी अयोध्या को सजाया था, योगी ने विक्रमादित्य की ही परंपरा को पुनर्जीवित किया.
जगतगुरु श्रीराम दिनेशाचार्य महाराज ने कहा कि हम अक्सर राम पैड़ी पर कल्पना भर करते थे कि मां सरयू दीप जला रही हैं और श्रीराम की प्रतीक्षा कर रही हैं. योगी के नेतृत्व में वह कल्पना साकार हुई है. अब लगता है कि शरीर से हम कलियुग में हैं, पर मन और आत्मा से त्रेता युग में जी रहे हैं. श्रीजगतगुरु रामानुजाचार्य श्रीधराचार्य जी महाराज ने कहा कि यह हमारा परम सौभाग्य है कि कलियुग में त्रेता का स्मरण हो रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या के नए युग की शुरुआत की और योगी ने उसे भक्ति के चरम पर पहुंचाया. पहले अयोध्या नीरस थी, अब हर गली-गली राम नाम से गूंज रही है. जो लोग कभी अयोध्या नहीं आना चाहते थे, वे आज तिलक और जनेऊ के साथ अपनी पहचान पर गर्व कर रहे हैं. जगतगुरु वासुदेवाचार्य जी महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम सूर्यवंश में अवतरित हुए और राम मंदिर का निर्माण सूर्य के पर्याय आदित्यनाथ के काल में हुआ, यह सूर्य कृपा का जीवंत प्रतीक है. योगी आदित्यनाथ मां सरयू के लिए भगीरथ की भूमिका निभा रहे हैं.
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भारत एक्सप्रेस
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